Quail Farming: कम लागत में शुरू करें बटेर पालन, अंडे और मांस से बनेगा मुनाफे का बिजनेस

बटेर पालन की शुरुआत करना अपेक्षाकृत आसान है. इसे आप छोटे स्तर से भी शुरू कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति 40–50 बटेर से शुरुआत करता है, तो उसके लिए एक साफ-सुथरा और हवादार पिंजरा या शेड पर्याप्त होता है.

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नई दिल्ली | Published: 4 Jan, 2026 | 08:56 AM

Quail farming: आज के समय में गांव से लेकर शहर तक लोग ऐसे व्यवसाय की तलाश में हैं, जिसमें कम पूंजी लगे, जोखिम कम हो और मुनाफा जल्दी मिले. पशुपालन हमेशा से ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ रहा है, लेकिन अब पारंपरिक मुर्गी और बकरी पालन के साथ-साथ लोग नए विकल्पों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं. इन्हीं विकल्पों में बटेर पालन एक ऐसा काम बनकर उभरा है, जो कम समय में अच्छी आमदनी देने की क्षमता रखता है. खास बात यह है कि बटेर पालन के लिए ज्यादा जमीन या भारी निवेश की जरूरत नहीं होती, फिर भी इससे लाखों रुपये तक की कमाई संभव है.

बटेर पालन क्यों बन रहा है नया ट्रेंड

बटेर एक छोटा लेकिन बेहद फायदेमंद पक्षी है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह बहुत जल्दी बड़ा होता है और कम उम्र में ही अंडे देना शुरू कर देता है. जहां मुर्गी पालन में अंडे मिलने में ज्यादा समय लगता है, वहीं बटेर करीब 6 से 7 हफ्ते में अंडे देना शुरू कर देता है. यही वजह है कि निवेश पर रिटर्न भी जल्दी मिलने लगता है. इसके अलावा बटेर के अंडे और मांस दोनों की बाजार में अच्छी मांग है, जिससे इसकी बिक्री में दिक्कत नहीं आती.

बटेर पालन की शुरुआत कैसे करें

बटेर पालन की शुरुआत करना अपेक्षाकृत आसान है. इसे आप छोटे स्तर से भी शुरू कर सकते हैं. अगर कोई व्यक्ति 40–50 बटेर से शुरुआत करता है, तो उसके लिए एक साफ-सुथरा और हवादार पिंजरा या शेड पर्याप्त होता है.

बटेर को खुला और शांत वातावरण पसंद होता है, इसलिए जगह ऐसी होनी चाहिए जहां तेज आवाज और ज्यादा भीड़ न हो. पिंजरे की साफ-सफाई पर खास ध्यान देना जरूरी है, क्योंकि गंदगी से बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

बटेर का भोजन और देखभाल

बटेर के अच्छे विकास के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी होता है. आमतौर पर इन्हें मकई, सोयाबीन की खली, गेहूं का चूरा और ओयस्टर शेल जैसे पोषक तत्व दिए जाते हैं. सही आहार मिलने पर बटेर तेजी से बढ़ता है और अंडा उत्पादन भी बेहतर होता है.

इसके साथ ही साफ पानी हर समय उपलब्ध होना चाहिए. बटेर अपेक्षाकृत मजबूत पक्षी होता है, लेकिन फिर भी समय-समय पर टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच जरूरी मानी जाती है, ताकि किसी बीमारी से पूरा झुंड प्रभावित न हो.

अंडे और मांस की बाजार में मजबूत मांग

बटेर के अंडे पोषण के लिहाज से बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनमें प्रोटीन, विटामिन और मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. कई लोग स्वास्थ्य कारणों से मुर्गी के अंडों की बजाय बटेर के अंडों को पसंद करते हैं. इसी वजह से इनके अंडे बाजार में ज्यादा दाम पर बिकते हैं. वहीं बटेर का मांस भी स्वादिष्ट और हल्का होता है, जिसकी मांग होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों में लगातार बनी रहती है. बड़े शहरों में तो बटेर का मांस प्रीमियम कैटेगरी में गिना जाता है.

बटेर पालन से कितनी हो सकती है कमाई

अगर बटेर पालन को सही तरीके से किया जाए, तो यह एक लाभदायक व्यवसाय बन सकता है. एक बटेर साल भर में बड़ी संख्या में अंडे देता है, जिन्हें बाजार में बेचकर नियमित आय होती है. इसके अलावा तय समय के बाद बटेर को मांस के लिए भी बेचा जा सकता है. छोटे स्तर पर शुरू किया गया बटेर पालन कुछ महीनों में ही लागत निकाल सकता है. जैसे-जैसे अनुभव बढ़ता है और संख्या बढ़ाई जाती है, मुनाफा भी तेजी से बढ़ता है. यही कारण है कि कई लोग इसे साइड बिजनेस के तौर पर शुरू करके बाद में मुख्य व्यवसाय बना रहे हैं.

युवाओं और किसानों के लिए सुनहरा मौका

बटेर पालन उन युवाओं और किसानों के लिए खास अवसर है, जो कम संसाधनों में आत्मनिर्भर बनना चाहते हैं. यह काम घर के पास किया जा सकता है और इसमें परिवार के दूसरे सदस्य भी सहयोग कर सकते हैं. सही जानकारी, थोड़ी मेहनत और नियमित देखभाल से बटेर पालन न सिर्फ रोजगार देता है, बल्कि आर्थिक मजबूती भी प्रदान करता है.

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