Dairy Farming: क्या आप भी कर रहे हैं पशु से दूध निकालने में ये गलती? जानिए सही तरीका, दोगुना होगा दूध

दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए सही दुहाई प्रबंधन बेहद जरूरी है. तय समय पर दुहाई, थनों की सफाई और नियमित जांच से पशु स्वस्थ रहते हैं. छोटी लापरवाही से दूध कम हो सकता है, इसलिए साफ-सफाई और समय पर देखभाल पर ध्यान देना जरूरी है. आसान उपाय अपनाकर किसान बेहतर उत्पादन पा सकते हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 19 Feb, 2026 | 10:30 PM

Milk Production: अगर आपकी गाय या भैंस पहले से कम दूध दे रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. कई बार छोटी-छोटी गलतियों की वजह से दूध उत्पादन घट जाता है. अच्छी बात यह है कि सही देखभाल और सही दुहाई प्रबंधन अपनाकर दूध की मात्रा बढ़ाई जा सकती है. बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने किसानों के लिए कुछ आसान और जरूरी सुझाव दिए हैं, जिन्हें अपनाकर बेहतर नतीजे पाए जा सकते हैं.

तय समय पर रोज करें दुहाई

बिहार पशुपालन विभाग के अनुसार, दूध उत्पादन  बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है कि रोज सुबह और शाम एक ही समय पर दुहाई की जाए. अगर समय बदलता रहता है, तो पशु को तनाव होता है और दूध की मात्रा कम हो सकती है. पशु आदत के पक्के होते हैं. जब उन्हें रोज एक ही समय पर दुहा जाता है, तो उनका शरीर उसी हिसाब से दूध  बनाता है. इसलिए कोशिश करें कि दुहाई का समय तय हो और उसमें ज्यादा बदलाव न किया जाए.

दुहने से पहले और बाद में रखें सफाई

दूध की मात्रा और गुणवत्ता दोनों के लिए सफाई बहुत जरूरी है. दुहाई से पहले थनों को साफ पानी से धोकर सूखे कपड़े से पोंछें. इससे गंदगी और कीटाणु हट जाते हैं. दुहाई के बाद भी थनों की सफाई करना जरूरी है. इससे संक्रमण का खतरा  कम होता है और पशु स्वस्थ रहता है. साफ-सफाई रखने से दूध भी साफ और सुरक्षित रहता है, जिससे बाजार में अच्छा भाव मिलता है.

थन की बीमारी से रहें सतर्क

कई बार दूध कम होने की वजह थन में सूजन  या मास्टाइटिस जैसी बीमारी होती है. अगर थन सख्त लगे, सूजा हुआ दिखे या पशु को दर्द हो, तो तुरंत जांच कराएं. मास्टाइटिस होने पर दूध में बदलाव दिख सकता है, जैसे पानी जैसा होना या गांठ बनना. ऐसी स्थिति में देर न करें और पशु चिकित्सक से सलाह लें. समय पर इलाज से नुकसान कम होता है और पशु जल्दी ठीक हो जाता है.

देखभाल और संतुलित आहार भी जरूरी

सिर्फ दुहाई ही नहीं, बल्कि पशु की पूरी देखभाल जरूरी है. संतुलित आहार, हरा चारा और साफ पानी नियमित रूप से दें. पशु को साफ और हवादार जगह पर रखें. अगर पशु खुश और स्वस्थ रहेगा, तो दूध उत्पादन  अपने आप बेहतर होगा. तनाव, गंदगी और अनियमित दिनचर्या दूध कम होने की बड़ी वजह बनती है. इसलिए रोजाना थोड़ी सावधानी बड़े फायदे में बदल सकती है.

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Published: 19 Feb, 2026 | 10:30 PM

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