खरीफ 2026 को लेकर योगी सरकार अलर्ट, खाद कालाबाजारी पर एक्शन, किसानों के लिए बड़ा प्लान रेडी

Yogi Adityanath Farmers Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ 2026 सीजन की तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने धान समेत कई फसलों के उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है और उर्वरकों की जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्ती बढ़ाई है.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 26 May, 2026 | 01:43 PM

Kharif 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ 2026 सीजन को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृषि, कृषि शिक्षा और मंडी विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर किसानों को समय पर खाद, बीज और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. सरकार का फोकस इस बार खेती की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों को योजनाओं का ज्यादा से ज्यादा लाभ दिलाने पर है.

खाद की कालाबाजारी पर सख्ती

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसानों को जरूरत के मुताबिक खाद उपलब्ध कराई जाए और उर्वरकों की जमाखोरी, कालाबाजारी व अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई हो. उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए. सरकार जैविक उर्वरकों के उपयोग को भी बढ़ावा देना चाहती है, ताकि खेती अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बन सके.

खरीफ 2026 के लिए बड़ा उत्पादन लक्ष्य

बैठक में बताया गया कि खरीफ 2026 सीजन में राज्य सरकार ने करीब 110.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खेती और लगभग 302.62 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य तय किया है. धान उत्पादन का लक्ष्य 224.25 लाख टन रखा गया है. इसके अलावा बाजरा, मक्का, अरहर और मूंगफली जैसी फसलों के उत्पादन में भी बढ़ोतरी की योजना बनाई गई है.

किसानों को मिलेगा भरपूर बीज

सरकार ने इस सीजन में किसानों को बड़े स्तर पर बीज उपलब्ध कराने की योजना बनाई है. जानकारी के अनुसार, करीब 2.29 लाख क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें से बड़ी मात्रा में बीज पहले ही किसानों तक पहुंचाया जा चुका है. अधिकारियों का कहना है कि समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज मिलने से किसानों की पैदावार और आय दोनों में सुधार होगा.

उर्वरक उपलब्धता और कार्रवाई

प्रदेश में खाद की उपलब्धता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है. समीक्षा बैठक में बताया गया कि हजारों स्थानों पर छापेमारी कर कई लाइसेंस निलंबित किए गए हैं और नियमों के उल्लंघन पर एफआईआर भी दर्ज हुई हैं. सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों तक सही कीमत पर खाद पहुंचे और उन्हें किसी तरह की कालाबाजारी का सामना न करना पड़े. सरकार ने संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के लिए भी विभागों को पहले से कार्ययोजना तैयार रखने को कहा है.

कई जिलों को संवेदनशील मानते हुए वहां विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं. दलहन, तिलहन और मोटे अनाज की खेती को भी बढ़ावा देने की रणनीति तैयार की जा रही है, ताकि किसानों को फसल विविधीकरण का लाभ मिल सके.

PM किसान और फसल बीमा योजना पर जोर

अधिकारियों ने जानकारी दी कि राज्य में करोड़ों किसानों का फार्मर रजिस्ट्रेशन किया जा चुका है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को बड़ी राशि वितरित की जा चुकी है. वहीं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लाखों किसानों को फसल नुकसान की भरपाई भी दी गई है, जिससे प्राकृतिक आपदा के समय किसानों को राहत मिल सके.

मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कृषि उत्पादों की प्रदर्शनी और गुणवत्ता सुधार पर भी काम करने के निर्देश दिए. साथ ही सीड पार्क योजना को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया.

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Published: 26 May, 2026 | 01:43 PM

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