कीमतें गिरीं तो किसानों पर संकट, 44 फीसदी आयात शुल्क वापस करने की जोरदार अपील हुई तेज

सरकार ने केंद्र से कच्चे पाम तेल पर आयात शुल्क फिर 44 प्रतिशत करने की मांग की है. 2018 में ज्यादा शुल्क होने पर किसानों को बेहतर दाम मिलते थे. अब दर घटने से कीमतें गिर गई हैं और आय प्रभावित हुई है. तेलंगाना में खेती बढ़ रही है और 36 प्रतिशत हिस्सेदारी है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 10 Jul, 2026 | 11:30 PM

Crude Palm Oil: तेलंगाना सरकार ने केंद्र सरकार से मांग की है कि कच्चे पाम तेल (Crude Palm Oil) पर आयात शुल्क को फिर से 44 प्रतिशत किया जाए. राज्य कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है. सरकार का कहना है कि साल 2018 में जब आयात शुल्क 44 प्रतिशत था, तब किसानों को बेहतर कीमत मिलती थी. लेकिन अब यह घटकर 16.50 प्रतिशत रह गया है, जबकि पिछले वर्ष यह 27.50 प्रतिशत था.

किसानों की आय पर पड़ा सीधा असर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी पत्र में बताया गया है कि कच्चे पाम तेल पर आयात शुल्क  में कमी का सीधा असर देश में इसकी कीमतों पर पड़ा है. इससे बाजार में कीमतें गिर गई हैं और तेल पाम किसानों को उनकी फसल का पहले की तुलना में कम दाम मिल रहा है. सरकार ने कहा है कि कीमतों में इस गिरावट के कारण किसानों की आमदनी पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है और कई जगह खेती का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है. इसी वजह से सरकार ने मांग की है कि पुरानी आयात शुल्क दर को फिर से बहाल किया जाए, ताकि घरेलू कीमतों में सुधार हो और किसानों को बेहतर दाम मिल सकें तथा उन्हें आर्थिक राहत मिल सके.

तेलंगाना देश में तेल पाम खेती में आगे

तेलंगाना सरकार के अनुसार राज्य देश में तेल पाम खेती में अग्रणी बन चुका है. यहां लगभग एक लाख हेक्टेयर भूमि पर तेल पाम की खेती की जा रही है, जो देश के कुल कुल तेल पाम क्षेत्र का करीब 36 प्रतिशत हिस्सा है. ये राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि इससे किसानों को नई फसल और स्थिर आय का अवसर मिल रहा है. सरकार ने आने वाले समय में इस क्षेत्र को और बढ़ाने का लक्ष्य रखा है. वर्ष 2026-27 तक अतिरिक्त 34,000 हेक्टेयर क्षेत्र जोड़ने की योजना है, जिससे उत्पादन में बढ़ोतरी  होगी और किसानों की आय में भी सुधार होगा. इससे राज्य में कृषि विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है.

लंबी अवधि की फसल से स्थिर कमाई का दावा

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार तेल पाम की खेती किसानों  के लिए लंबे समय तक लाभ देने वाली फसल है. यह पौधा एक बार लगाने के बाद लगभग 30 साल तक उत्पादन देता है. इस फसल से किसानों को प्रति एकड़ औसतन 2 से 3 लाख रुपये तक की आमदनी हो सकती है. वर्तमान में ताजे फल गुच्छों (Fresh Fruit Bunch – FFB) की कीमत लगभग 23,500 रुपये प्रति टन है. सरकार का कहना है कि यदि आयात शुल्क 44 प्रतिशत बहाल किया जाए तो घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और किसानों को बेहतर कीमत मिलेगी.

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Published: 10 Jul, 2026 | 11:30 PM

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