Crop Damage Compensation: देश में खेती करने वाले किसानों के लिए मौसम हमेशा सबसे बड़ा जोखिम रहता है. खासकर जब बेमौसम बारिश, आंधी, तूफान और ओलावृष्टि जैसी घटनाएं अचानक सामने आती हैं, तो पूरी फसल बर्बाद हो जाती है. इसी साल मार्च में भी बिहार के कई इलाकों में ऐसे ही हालात बने, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा.
इसी संकट को देखते हुए बिहार सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए ‘कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026’ की शुरुआत की है, ताकि फसल नुकसान की भरपाई की जा सके और किसानों को आर्थिक सहारा मिल सके.
किन क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा लाभ?
इस योजना का फायदा हर किसान को नहीं, बल्कि केवल उन क्षेत्रों के किसानों को मिलेगा जो हाल ही में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित हुए हैं. सरकार ने इसके लिए 13 जिलों का चयन किया है, जिनके 88 प्रखंड और 1484 पंचायतें इस योजना के दायरे में आती हैं.
चयनित जिले: सहरसा, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, अररिया, बेगूसराय, मधुबनी, पूर्णिया, खगड़िया, किशनगंज, मधेपुरा, दरभंगा, सुपौल और भागलपुर.
कितनी मिलेगी सब्सिडी?
योजना के तहत किसानों को उनकी फसल और जमीन के प्रकार के अनुसार अनुदान राशि दी जाएगी:
प्रति हेक्टेयर सहायता:
- गैर-सिंचित भूमि: 8,500 रुपये
- सिंचित भूमि: 17,000 रुपये
- बारहमासी फसलें: 22,500 रुपये तक
न्यूनतम अनुदान:
- गैर-सिंचित भूमि: 1,000 रुपये
- सिंचित भूमि: 2,000 रुपये
- बारहमासी फसलें: 2,500 रुपये
यह राशि सीधे किसानों के खाते में दी जाएगी, जिससे वे दोबारा खेती शुरू कर सकें.
आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज
अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं, तो आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेज होने चाहिए:
- आधार कार्ड
- DBT पंजीकरण संख्या
- एलपीसी या अद्यतन लगान रसीद (रैयत किसानों के लिए)
- स्व-घोषणा पत्र (गैर-रैयत किसानों के लिए, जनप्रतिनिधि से प्रमाणित)
कैसे करें आवेदन?
किसान इस योजना में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें DBT Agriculture Bihar पोर्टल पर जाना होगा. आवेदन प्रक्रिया सरल है और घर बैठे पूरी की जा सकती है. अगर किसी किसान को आवेदन में परेशानी होती है, तो वे किसान कॉल सेंटर के टोल-फ्री नंबर 18001801551 पर संपर्क कर सकते हैं.
आवेदन की अंतिम तिथि
इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को समय पर आवेदन करना जरूरी है. सरकार ने इसकी अंतिम तिथि 5 मई 2026 तय की है. इसलिए जो किसान इस योजना के पात्र हैं, वे जल्द से जल्द आवेदन कर लें.
‘कृषि इनपुट अनुदान योजना 2026’ उन किसानों के लिए बड़ी राहत बनकर आई है, जिनकी फसल प्राकृतिक आपदाओं के कारण बर्बाद हो गई. यह योजना न केवल आर्थिक मदद देती है, बल्कि किसानों को दोबारा खेती करने का हौसला भी देती है.