केंद्र सरकार (Central government) ने चीनी सीजन 2026-27 के लिए गन्ने का न्यूनतम समर्थन मूल्य (FRP) बढ़ाकर 365 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो पिछले सीजन से 10 रुपये ज्यादा है. सरकार का दावा है कि इससे देश के करीब 5 करोड़ गन्ना किसानों को फायदा होगा. लेकिन किसानों की उम्मीद इससे कहीं ज्यादा थी—वे चाहते थे कि यह मूल्य 400 रुपये प्रति क्विंटल से ऊपर तय किया जाए.
किसानों का कहना है कि कई राज्यों में पहले से ही गन्ने का मूल्य केंद्र के FRP से ज्यादा है. ऐसे में अगर केंद्र कम मूल्य तय करता है, तो राज्यों द्वारा बढ़ोतरी की संभावना भी कम हो जाती है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) (Bharatiya Kisan Union) ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. संगठन के प्रवक्ता धर्मेंद्र मलिक (Spokesperson Dharmendra Malik) ने सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है. इस वीडियो में जानिए केंद्र सरकार के फैसले के पीछे की वजह, किसानों की नाराजगी, और अलग-अलग राज्यों में गन्ने के ताजा रेट क्या हैं.