Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में मिलेट्स की खेती करने वाले किसानों के लिए राहत की खबर है. उब उन्हें मिलेट्स की प्रोसेसिंग करने के लिए ज्यादा जद्दोजहद नहीं करनी पड़ेगी. क्योंकि बहारिया विकास खंड के छत्ता गांव में 95 लाख रुपये की लागत से बना एक आधुनिक मिलेट्स प्रोसेसिंग सेंटर अब संचालन के लिए तैयार हो गया है. यह केंद्र क्षेत्र के 27,000 से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को लाभ पहुंचाने और उनकी आय बढ़ाने में मदद करेगा.
कृषि विभाग द्वारा विकसित यह सुविधा प्रयागराज मंडल का पहला मिलेट्स प्रोसेसिंग सेंटर है. इसमें मिलेट्स की छिलाई, पीसाई और उनसे प्रोसेस्ड उत्पाद बनाने के लिए आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं. अधिकारियों के अनुसार, यहां व्यावसायिक संचालन जून के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है. कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), प्रयागराज के प्रभारी एमपी सिंह ने ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ को कहा कि 95 लाख रुपये की लागत से बना यह मिलेट्स प्रोसेसिंग प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है. इस राशि में भवन निर्माण और प्रोसेसिंग उपकरण दोनों शामिल हैं. उन्होंने कहा कि यह केंद्र किसानों को केवल कच्चा अनाज बेचने के बजाय उससे प्रोसेस्ड उत्पाद बनाकर बेहतर कमाई करने में मदद करेगा.
किसानों की बढ़ेगी कमाई
उन्होंने कहा कि इस सुविधा में मिलेट्स की छिलाई, पीसाई और उनसे विभिन्न उत्पाद बनाने का काम किया जाएगा, जिससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी. यह पहल ‘श्री अन्न’ यानी मिलेट्स को बढ़ावा देने, कृषि में विविधता लाने, पोषण सुरक्षा मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है. पिछले कुछ वर्षों में मिलेट्स की मांग बढ़ी है, क्योंकि ये पौष्टिक होते हैं, कम पानी में उगते हैं और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक लोगों में इनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है.
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65,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेट्स की खेती
कृषि विभाग के उप निदेशक पवन कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि प्रयागराज जिले में लगभग 65,000 हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेट्स की खेती की जा रही है. इस वर्ष सरकार की ओर से मिलेट उत्पादक किसानों को दी गई प्रोत्साहन राशि और सब्सिडी के कारण खेती का क्षेत्र करीब 1,400 हेक्टेयर तक बढ़ गया है. अधिकारियों के अनुसार, जिले में 27,000 से अधिक छोटे और सीमांत किसान मिलेट्स की खेती से जुड़े हैं. किसानों की सुविधा के लिए 27 खरीद केंद्र भी बनाए गए हैं. इसके साथ ही किसानों को अब केवल कच्चा अनाज बेचने के बजाय बिस्किट, कुकीज और अन्य मिलेट आधारित उत्पादों के माध्यम से अधिक मुनाफा कमाने का अवसर मिलेगा.
रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा
यह प्रोसेसिंग सेंटर ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा. अधिकारियों के अनुसार, महिला स्वयं सहायता समूहों को मिलेट्स से बनने वाले उत्पादों के निर्माण में शामिल किया जाएगा. इससे गांवों में अतिरिक्त रोजगार बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर मिलेट्स के उत्पादन और बिक्री की पूरी व्यवस्था और मजबूत होगी.