Viksit Bharat Gram Bill: छत्तीसगढ़ सरकार ने ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ी घोषणा की है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ के तहत अब पंजीकृत मजदूरों को हर साल 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी. इतना ही नहीं, मजदूरी भी बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है. सरकार का कहना है कि, इस नई व्यवस्था से मजदूरों को समय पर काम और समय पर भुगतान दोनों मिलेंगे. मुख्यमंत्री के अनुसार, यह योजना गांवों के विकास के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी.
साल में 125 दिन रोजगार की गारंटी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि, अब पंजीकृत मजदूरों को हर साल 125 दिनों तक रोजगार मिलेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले हजारों परिवारों को नियमित काम मिलने की उम्मीद है. सरकार का मानना है कि इससे लोगों को रोजगार के लिए शहरों की ओर पलायन करने की जरूरत भी कम होगी और गांवों में ही काम के अवसर बढ़ेंगे.
बढ़ी मजदूरी, अब मिलेंगे 300 रुपये प्रतिदिन
सरकार ने मजदूरों की दैनिक मजदूरी में भी बढ़ोतरी की है. पहले मनरेगा (MGNREGA) के तहत मजदूरों को 261 रुपये प्रतिदिन मिलते थे, लेकिन अब विकसित भारत ग्राम बिल के तहत यह बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है. सरकार का कहना है कि बढ़ी हुई मजदूरी से ग्रामीण मजदूरों की आय में सुधार होगा और उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. मुख्यमंत्री ने बताया कि, पहले मनरेगा में अक्सर ऐसा होता था कि काम पहले शुरू हो जाता था और बाद में बजट जारी होता था.
इसके कारण मजदूरों की मजदूरी मिलने में देरी होती थी. नई व्यवस्था में सरकार पहले से ही धनराशि उपलब्ध कराएगी. इससे काम पूरा होने के बाद मजदूरों के बैंक खातों में समय पर भुगतान किया जा सकेगा और उन्हें लंबे इंतजार का सामना नहीं करना पड़ेगा.
VIDEO | Raipur: Chhattisgarh Chief Minister Vishnu Deo Sai, on the Viksit Bharat Gram Bill, says, “The key feature of this scheme is that registered workers will now be guaranteed 125 days of employment a year. The daily wage, which was Rs 261 under MGNREGA, has been increased to… pic.twitter.com/2oK8sMp0JR
— Press Trust of India (@PTI_News) August 6, 2026
गांवों में होंगे 318 तरह के विकास कार्य
सरकार ने इस योजना के तहत गांवों में 318 प्रकार के विकास कार्य शामिल किए हैं. इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण सड़कें, आधारभूत ढांचे का विकास, सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण और गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने वाले कई काम शामिल हैं. सरकार का मानना है कि, इन परियोजनाओं से रोजगार बढ़ने के साथ-साथ गांवों का समग्र विकास भी होगा.
अभियान मोड में शुरू होंगे पहले तीन काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना के शुरुआती चरण में तीन प्रमुख कार्यों को अभियान मोड में शुरू किया जाएगा. इसके बाद धीरे-धीरे अन्य विकास कार्यों को भी शामिल किया जाएगा. सरकार का उद्देश्य है कि, योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द गांवों तक पहुंचे.
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
राज्य सरकार का कहना है कि विकसित भारत ग्राम बिल केवल रोजगार देने की योजना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है. नियमित रोजगार, बढ़ी हुई मजदूरी, समय पर भुगतान और विकास कार्यों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी. इससे मजदूरों के साथ-साथ किसानों और स्थानीय कारोबारियों को भी अप्रत्यक्ष रूप से फायदा मिलने की उम्मीद है.