केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत तेलंगाना में 353.01 करोड़ रुपये की मत्स्य विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इनमें हैदराबाद में 47.03 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक थोक मछली बाजार बनाया जाएगा. इस बाजार में कोल्ड चेन सहित आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे मछलियों के भंडारण और विपणन को बेहतर बनाया जा सकेगा. केंद्रीय मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने राज्यसभा सांसद के. लक्ष्मण के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी.
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत मंजूर परियोजनाओं में केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 112.68 करोड़ रुपये होगी. इस योजना के तहत हैचरी, आधुनिक मत्स्य पालन प्रणाली, मछली बिक्री केंद्र, बाजार ढांचा, आजीविका विकास कार्यक्रम और हैदराबाद में अत्याधुनिक थोक मछली बाजार जैसी कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.
मंचेरियल में बनेगा मुरेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस
इसके अलावा मंचेरियल जिले में मुरेल (Murrel) मछली क्लस्टर और मुरेल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भी खोला जाएगा. मछलियों के भंडारण, परिवहन और विपणन को मजबूत करने के लिए 771 आइस बॉक्स से लैस दोपहिया वाहन, 341 तिपहिया वाहन, 6 इंसुलेटेड वाहन, 185 फिश कियोस्क और 2 लाइव फिश वेंडिंग सेंटर बनाने की भी मंजूरी दी गई है.
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मत्स्य पालन के लिए तैयार होगा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आने वाले प्रस्तावों की जांच, मंजूरी और निगरानी की जिम्मेदारी हैदराबाद स्थित नेशनल फिशरीज डेवलपमेंट बोर्ड (NFDB) को दी गई है. केंद्र सरकार के अनुसार, NFDB अब तक 389 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, जिनसे 15,565 मछली पालकों को लाभ मिला है. योजना के तहत 21 मीठे पानी की फिश हैचरी, 823.68 हेक्टेयर में ग्रो-आउट तालाब, 759.86 हेक्टेयर क्षेत्र में एक्वाकल्चर सुविधाएं, 11 रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) यूनिट, 89 रिजर्वायर केज कल्चर यूनिट और 2 मिनी फीड मिलों को मंजूरी दी गई है. इसके अलावा 4,970 पारंपरिक मछुआरों को आजीविका सहायता दी जाएगी और 52 नावों के साथ मछली पकड़ने के जाल भी वितरित किए जाएंगे.
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना क्या है
बता दें कि केंद्र सरकार ने देश में मत्स्य पालन क्षेत्र को मजबूत बनाने और मछुआरों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) शुरू की थी. इस योजना को मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के तहत मत्स्य पालन विभाग लागू कर रहा है. इस योजना का उद्देश्य मत्स्य उत्पादन बढ़ाना, आधुनिक सुविधाएं विकसित करना, मछुआरों को बेहतर आजीविका उपलब्ध कराना और मत्स्य क्षेत्र का टिकाऊ व समावेशी विकास सुनिश्चित करना है. साथ ही छुआरों और मछली पालकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है.