मौसम बदलावों से कृषि को लगातार हो रहे भारी नुकसान से बचाने के लिए सरकार एआई और मशीन लर्निंग जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल करेगी. इसके लिए समर्पित उझावर एआई योजना लागू करने की घोषणा की गई है. तमिलनाडु में किसानों को अल नीनो की वजह से भारी नुकसान हुआ है और आगे नुकसान बढ़ने की आशंका जताई गई है. ऐसे में राज्य सरकार ने अल नीनो से निपटने के लिए अलग फंड की व्यवस्था की है और अब किसानों को तुरंत मदद देने के लिए AI का सहारा लेगी.
तमिलनाडु के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री आर विनोद ने बृहस्पतिवार को विधानसभा में राज्य का कृषि बजट 2026-27 पेश किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि मौसम बदलावों ने खेती को बहुत नुकसान पहुंचाया है और वैश्विक मौसम गतिविधियां आगे के लिए सावधान होने का इशारा कर रही हैं. अल नीनो हमारे सामने है, जिसने पहले सूखे की स्थिति पैदा की और अब अचानक एक हफ्ते से जारी बारिश ने कृषि क्षेत्र को भयंकर चोट पहुंचाई है.
उझावर एआई योजना के लिए 2 करोड़ जारी
उन्होंने कहा कि सरकार ने कृषि बजट में कृत्रिम मेधा (एआई) आधारित विशेष पहल ‘उझावर एआई योजना’ शुरू करने की घोषणा की. इसका उद्देश्य राज्य के किसानों को वास्तविक समय में आंकड़ा आधारित सलाह उपलब्ध कराना है. योजना के तहत त्वरित लाभ पहुंचाने के लिए आधुनिक तकनीक एआई और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस योजना के लिए राज्य निधि से 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
फसल बुवाई से कटाई और मौसम की जानकारी मिलेगी
उझावर एआई योजना के तहत किसानों को मोबाइल के माध्यम से बुआई से लेकर कटाई तक पूरी फसल अवधि के लिए तकनीकी सलाह उपलब्ध कराई जाएगी. इसमें स्थानीय मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी के स्वास्थ्य एवं उर्वरता प्रबंधन, कीट एवं रोगों के प्रकोप की चेतावनी तथा क्षेत्र की कृषि-जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप फसल संबंधी सुझाव शामिल होंगे. यह सुविधाएं एआई, मशीन लर्निंग और लेटेस्ट डाटा का इस्तेमाल करके किया जाएगा.
कम पढ़े-लिखे किसान वाइस कमांड से लाभ ले सकेंगे
कृषि मंत्री ने कहा कि ग्रामीण किसानों तक जानकारी की पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार ‘वॉयस फर्स्ट कृषि सेवाएं’ शुरू की जाएगी. इसके माध्यम से किसान मोबाइल फोन पर आवाज के जरिये यानी वाइस कमांड सुविधा के जरिए कृषि संबंधी सलाह, वास्तविक समय में बाजार की जानकारी और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का विवरण प्राप्त कर सकेंगे.
5 साल पहले उझावर मोबाइल ऐप के डाटा का इस्तेमाल
बजट दस्तावेजों में कृषि क्षेत्र के डिजिटल विकास पर प्रकाश डालते हुए कहा गया है कि तमिलनाडु की कृषि पारंपरिक निर्वाह खेती से आगे बढ़कर किसान समृद्धि पर केंद्रित एक प्रौद्योगिकी-संचालित, विज्ञान-आधारित मॉडल में बदल गई है. एआई का यह एकीकरण 2021 में शुरू किए गए ‘उझावर’ मोबाइल ऐप जैसे पिछले डिजिटल प्रयासों की नींव पर आधारित है, जिसने राज्य के कृषि क्षेत्र में डेटा आधारित प्रबंधन की शुरुआत की थी. उझावर मोबाइल ऐप पर मौजूद किसानों के डाटा का इस्तेमाल लाभ पहुंचाने के लिए किया जाएगा.