VB G RAM G Bill: सरकार ने ग्रामीण इलाकों में रोजगार व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. इसके तहत ‘विकसित भारत – ग्राम रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (VB-G RAM G) अधिनियम, 2025’ का ड्राफ्ट (मसौदा नियम) जारी किया गया है. इसका मकसद गांवों में रोजगार को और मजबूत बनाना, उसे ज्यादा पारदर्शी बनाना और विकास से जोड़ना है, ताकि लोगों को गांव में ही बेहतर काम के अवसर मिल सकें.
सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को लोगों की भागीदारी से जोड़ दिया है. यानी अब आम नागरिक, सामाजिक संगठन और विशेषज्ञ भी इस पर अपने सुझाव दे सकते हैं. इन सुझावों के आधार पर ही अंतिम नियम तैयार किए जाएंगे, ताकि योजना ज्यादा असरदार और उपयोगी बन सके.
जनता से सुझाव आमंत्रित: 21 तारीख अंतिम तिथि
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया है कि इन मसौदा नियमों पर कोई भी व्यक्ति, संस्था या संगठन अपनी राय और सुझाव दे सकता है. इसके लिए सरकार ने अगले महीने की 21 तारीख तक का समय दिया है. इसका मतलब है कि सरकार चाहती है कि इस योजना को बनाने में सिर्फ अधिकारी ही नहीं, बल्कि आम लोग भी शामिल हों. यह कदम सरकार की उस सोच को भी दिखाता है, जिसमें नीति बनाने में पारदर्शिता और लोगों की भागीदारी को सबसे ज्यादा महत्व दिया जा रहा है, ताकि नियम ज्यादा सही और प्रभावी बन सकें.
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MGNREGA की जगह लेगा नया कानून
- यह नया अधिनियम लगभग दो दशकों से लागू योजना
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA)
- की जगह लेगा. MGNREGA के तहत ग्रामीण परिवारों को हर साल 100 दिन का रोजगार गारंटी के रूप में दिया जाता था.
लेकिन नए VB-G RAM G अधिनियम में यह बदलाव किया गया है कि अब काम के दिनों की सीमा बढ़ाकर हर वित्तीय वर्ष में 125 दिन कर दी गई है. सरकार का कहना है कि इस बदलाव से ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा दिनों तक रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी कमाई बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा.
मसौदा नियमों में क्या खास है?
नए नियमों में सिर्फ काम के दिनों की संख्या ही नहीं बदली गई है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में भी कई अहम सुधार किए गए हैं.
इनमें कुछ प्रमुख बदलाव इस तरह हैं:
- ट्रांजिशन व्यवस्था के नियम बनाए गए हैं.
- राष्ट्रीय स्तर संचालन समिति का गठन किया जाएगा.
- केंद्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद से जुड़े नियमों को भी स्पष्ट किया गया है.
- प्रशासनिक खर्चों का स्पष्ट ढांचा तय किया गया है.
- शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत किया गया है.
इन सभी नियमों को अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत तैयार किया गया है, ताकि योजना का संचालन अधिक व्यवस्थित हो सके.
1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू होगा कानून
ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, इस अधिनियम को 11 तारीख को पहले ही नोटिफाई किया जा चुका है और अब इसे 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू करने की योजना है. यह नियम सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक जैसा लागू होगा. सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का मकसद सिर्फ लोगों को काम देना नहीं है, बल्कि गांवों का विकास करना भी है. इसके तहत रोजगार के साथ-साथ गांवों में संपत्तियों का निर्माण (जैसे सड़क, तालाब, ढांचा आदि) और प्रशासन को और बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा.
डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली की ओर कदम
सरकार का कहना है कि यह नई व्यवस्था पहले की तुलना में ज्यादा डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह होगी. इसमें राज्यों की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है, ताकि काम बेहतर तरीके से हो सके. अब तक 25 राज्यों ने इस योजना के लिए फंड देना शुरू कर दिया है और इसकी तैयारी तेजी से चल रही है.
VB-G RAM G अधिनियम 2025 को ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है. अगर इसे सही तरीके से लागू किया गया, तो इससे न सिर्फ लोगों को ज्यादा रोजगार मिलेगा, बल्कि गांवों का समग्र विकास भी तेज़ी से हो सकेगा.