Dairy Farming: गर्मियों में क्यों कम हो जाता है पशुओं का दूध? अपनाएं ये आसान उपाय, बढ़ सकता है उत्पादन
Animal Husbandry: गर्मी का मौसम शुरू होते ही दुधारू पशुओं की सेहत पर असर पड़ना शुरू हो जाता है. तेज तापमान और लू के कारण पशु असहज महसूस करते हैं, जिससे उनका दूध उत्पादन धीरे-धीरे कम होने लगता है. ऐसे में पशुपालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि गर्मियों में भी पशुओं को स्वस्थ कैसे रखा जाए और दूध की मात्रा कम न हो.

गर्मी का मौसम शुरू होते ही दुधारू पशुओं को तेज तापमान की वजह से असहजता महसूस होने लगती है. इससे उनके शरीर पर तनाव बढ़ता है और दूध उत्पादन में कमी आ सकती है.

तेज गर्मी से राहत देने के लिए पशुओं को समय-समय पर नहलाना चाहिए. इससे उनके शरीर का तापमान संतुलित रहता है और पशु आराम महसूस करते हैं, जिससे दूध उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ता है.

गर्मियों में सुबह का दूध 6 बजे से पहले निकाल लेना बेहतर होता है, क्योंकि इसके बाद तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. वहीं शाम को दूध दुहने से पहले पशु को एक बार नहला देने से भी उन्हें राहत मिलती है.

दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए पशुओं को नियमित रूप से मिनरल मिक्सचर देना फायदेमंद माना जाता है. इससे शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और पशुओं की सेहत के साथ प्रजनन क्षमता भी बेहतर होती है.

पशुओं के आहार में बरसीम, ज्वार और नेपियर जैसी हरी घास शामिल करनी चाहिए. इसके साथ नमक देने से भी शरीर को जरूरी तत्व मिलते हैं, जिससे पशुओं की ताकत और दूध उत्पादन बढ़ सकता है.

दुधारू पशुओं के लिए कैल्शियम बेहद जरूरी पोषक तत्व है. चूने का पानी तैयार करके पशुओं को देने से उन्हें कैल्शियम मिलता है, जो दूध उत्पादन बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही पशुओं को तेज धूप से बचाकर ठंडी और छायादार जगह पर रखना भी जरूरी होता है.
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