Agricultural Exports: चालू वित्त वर्ष के अप्रैल से जनवरी के दौरान भारत के कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों का निर्यात 3.3 फीसदी बढ़कर 20.99 अरब डॉलर पहुंच गया. हालांकि, देश के कुल कृषि निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा रखने वाले चावल के निर्यात में गिरावट दर्ज की गई, जिसका कारण भू-राजनीतिक परिस्थितियां रहीं. बासमती और गैर-बासमती दोनों किस्मों को मिलाकर चावल का निर्यात 7.5 फीसदी घटकर 9.33 अरब डॉलर रह गया. जनवरी 2026 में भारत ने 1.03 अरब डॉलर का चावल निर्यात किया, जो पिछले साल की तुलना में 25 फीसदी कम है.
फाइनेंशियल एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, बासमती राइस मिलर्स एंड एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन, पंजाब के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह जोसन ने कहा कि पिछले एक साल में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर भारत के चावल निर्यात पर पड़ा. खासकर ईरान को होने वाला चावल निर्यात बाधित हुआ. हालांकि, हाल के समय में स्थिति में कुछ सुधार देखने को मिला है. इसके अलावा भारत के प्रतिस्पर्धी पाकिस्तान ने बासमती चावल पर 9 फीसदी और गैर-बासमती पर 3 फीसदी ड्यूटी ड्रॉबैक देने की घोषणा की है, जिससे वहां के निर्यातकों को सीधे कीमत का फायदा मिला है. वहीं, वाणिज्यिक खुफिया एवं सांख्यिकी महानिदेशालय (DGCI&S) के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 के पहले दस महीनों में भैंस के मांस, डेयरी और पोल्ट्री उत्पादों का निर्यात 25 फीसदी बढ़कर 5.19 अरब डॉलर हो गया है.
फल और सब्जियों के निर्यात में करीब 4 फीसदी की बढ़ोतरी
वित्त वर्ष 2025 में भारत ने 4.06 अरब डॉलर का बिना हड्डी वाला भैंस का मांस निर्यात किया. एपीडा (APEDA) की कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों की सूची में बासमती चावल के बाद भैंस का मांस मूल्य के आधार पर दूसरा सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद है. अधिकारियों के अनुसार, भारतीय भैंस के मांस की गुणवत्ता और पोषण मूल्य के कारण दुनियाभर में इसकी मांग बढ़ी है. भारत भैंस के मांस का दूसरा सबसे बड़ा निर्यातक बन चुका है और इसके प्रमुख बाजार वियतनाम, मलेशिया, मिस्र, इराक, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात हैं. एपीडा स्वीकृत एकीकृत मांस प्रसंस्करण संयंत्रों के जरिए इन निर्यातों का समन्वय करता है, जिनका निरीक्षण आयात करने वाले देश भी करते हैं. वहीं, वित्त वर्ष 2026 के अप्रैल-जनवरी के दौरान फल और सब्जियों का निर्यात करीब 4 फीसदी बढ़कर 3.09 अरब डॉलर और अनाज उत्पादों का निर्यात 4 फीसदी से अधिक बढ़कर 2.69 अरब डॉलर हो गया है.
काजू का निर्यात 19 फीसदी से बढ़कर 3.44 करोड़ डॉलर हो गया
वित्त वर्ष 2026 के पहले दस महीनों में काजू का निर्यात 19 फीसदी से बढ़कर 3.44 करोड़ डॉलर हो गया. वित्त वर्ष 2025 में भारत के कृषि और प्रोसेस्ड फूड उत्पादों का कुल निर्यात 25.14 अरब डॉलर था, जिसमें APEDA सूची के उत्पादों का हिस्सा लगभग 51 फीसदी था. बाकी निर्यात में मछली, तम्बाकू, कॉफी और चाय शामिल हैं. FY25 में कुल 20.1 मिलियन टन (MT) चावल का निर्यात हुआ, जिसकी कीमत रिकॉर्ड 12.95 अरब डॉलर रही. भारत ने चावल 172 देशों में भेजा. पिछले दशक में भारत बासमती और गैर-बासमती चावल का सबसे बड़ा निर्यातक रहा है और वैश्विक चावल व्यापार में इसका बाजार हिस्सा लगभग 35 फीसदी से 40 फीसदी है.