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कोरोना के बाद पशुपालन बना युवाओं का सहारा, बकरी और मुर्गी फार्म से लाखों परिवार हुए आत्मनिर्भर
बिहार के गांवों में अब लोग बकरी, मुर्गी, गाय और मछली पालन से अच्छी कमाई कर रहे हैं. कोरोना के बाद पशुपालन ने रोजगार और आमदनी का नया रास्ता दिखाया. महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है, लोन आसान हुआ है. अब गांव सिर्फ खेती तक नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रहे हैं.
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दुनिया का 40 फीसदी चावल भारत से, फिर भी दबाव में निर्यातक… क्या मिलेगी बजट से राहत
चावल निर्यात भारत के लिए केवल व्यापार नहीं, बल्कि रणनीतिक आर्थिक ताकत भी है. वैश्विक चावल व्यापार में भारत की हिस्सेदारी करीब 40 प्रतिशत है. वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने लगभग 20.1 मिलियन टन चावल का निर्यात किया, जो 170 से अधिक देशों तक पहुंचा.
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Gold Rate Today: सोने ने फिर तोड़ा रिकॉर्ड! 6 जनवरी को अचानक उछले गोल्ड के दाम, जानें आपके शहर का रेट
Gold Rate Today: आज यानी 6 जनवरी को सोने के दामों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है. MCX पर 24 कैरेट सोना ₹466 की बढ़त के साथ ₹1,38,570 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है. दिल्ली, मुंबई, चेन्नई समेत देश के लगभग सभी बड़े शहरों में आज सोना महंगा हो गया है और खरीदारों को ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है.
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पाम ऑयल सस्ता होने के बावजूद घटा आयात, जानिए सोया और सूरजमुखी तेल का हाल
भारत में पाम ऑयल आयात घटने का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है. इंडोनेशिया और मलेशिया जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में भंडार बढ़ने की संभावना है, जिससे वहां के पाम ऑयल वायदा दामों पर दबाव बन सकता है.
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Gold Rate Today: सोना और चांदी की कीमतों में उछाल! जानें 5 जनवरी को दिल्ली समेत पूरे देश में क्या हैं रेट्स
Gold Silver Rate Today: 5 जनवरी 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया. दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,37,550 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना ₹1,26,100 प्रति 10 ग्राम पर था. चांदी की कीमत ₹2,47,000 प्रति किलो रही. अमेरिकी-वेनेजुएला तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बदलावों के कारण ये बढ़ोतरी हुई.
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Report: अप्रैल–नवंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा यूरिया आयात, जानिए DAP और NPK का हाल
जहां आयात बढ़ा, वहीं देश के भीतर यूरिया का उत्पादन घटता नजर आया. इस दौरान घरेलू उत्पादन 3.7 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19.75 मिलियन टन पर आ गया. उत्पादन में यह कमी भले ही प्रतिशत के हिसाब से ज्यादा न लगे, लेकिन जब खेती का बड़ा हिस्सा यूरिया पर निर्भर हो, तो इसका असर पूरे सप्लाई सिस्टम पर पड़ता है.








