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सेब के बाग में फैला अल्टरनेरिया लीफ स्पॉट बीमारी, पैदावार हो सकती है प्रभावित.. किसानों की बढ़ी टेंशन
हिमाचल प्रदेश में सेब बागों में अल्टरनेरिया और मार्सोनिना फंगल रोग बढ़ रहे हैं. किसानों को बीमारियों की पहचान, रोकथाम और प्रबंधन की जानकारी देने के लिए शिमला, किन्नौर, चंबा, कुल्लू और मंडी में आठ वैज्ञानिक टीमों द्वारा सप्ताह भर फील्ड जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है.
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UP Budget 2026: किसानों को लेकर बड़ा ऐलान, यूपी बनेगा कृषि एक्सपोर्ट हब.. अन्नदाताओं की बढ़ेगी कमाई
UP Agriculture Budget 2026: वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य में निवेश तेजी से बढ़ रहा है. इस दौरान उन्होंने कृषि एक्सपोर्ट हब बनाए जाने की भी घोषणा की गई. उनके मुताबिक, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बड़ी संख्या में किसानों को लाभ पहुंचाया गया है और गन्ना किसानों को रिकॉर्ड भुगतान किया गया है.
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फरवरी में सरसों के लिए बहुत घातक है सफेद रस्ट, रूक जाता है पौधों का विकास.. बचाव के लिए करें ये काम
फरवरी में मौसम में होने वाले बदलाव सरसों की फसल के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं. खासकर सफेद रस्ट और पाउडरी मिल्ड्यू जैसे रोगों का खतरा ज्यादा रहता है. ये बीमारियां हवा के जरिए एक पौधे से दूसरे पौधे तक तेजी से फैल सकती हैं और पूरे खेत को प्रभावित कर सकती हैं.
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ग्रामीण महिलाओं को मशरूम की खेती के लिए मुफ्त ट्रेनिंग, यूनिट लगाने के लिए पैसा भी मिलेगा
Mushroom Farming Training: सेन्ट्रल बैंक आरसेटी के निदेशक बिपिन कुमार ने कहा कि मशरूम की खेती को बढ़ावा देने ट्रेनिंग प्रोग्राम 10 दिनों तक चलेगा. इस दौरान महिलाओं और युवाओं को मशरूम की यूनिट लगाने के साथ ही तकनीकी जानकारी भी दी जा रही है.
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किन्नू की नई किस्म जारी, अब पहले से ज्यादा होगी पैदावार, फल में बीज भी होंगे बहुत कम
पंजाब की ठंडी सर्दियों की रातें किन्नू को सुनहरा पीला रंग, अधिक जूस और बेहतरीन स्वाद देती हैं. गहरी उपजाऊ मिट्टी और व्यापक नहर सिंचाई उत्पादन को और बढ़ाती हैं, जिससे अच्छे प्रबंधन में प्रति पेड़ 200 किलोग्राम तक उपज मिल सकती है.
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भारत-विस्तार AI टूल से किसान बनेंगे मालामाल! घर बैठे फसल, मिट्टी और मौसम की जानकारी से होगी लाखों की आमदनी
Bharat Vistaar AI Tool: केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में भारत-विस्तार (Bharat Vistaar) नामक AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म की घोषणा की. यह किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में फसल, मिट्टी, मौसम और खेती के तरीकों से जुड़ी वैज्ञानिक सलाह देगा. AI प्लेटफॉर्म से किसान जोखिम कम करेंगे, लागत नियंत्रित करेंगे और उत्पादकता बढ़ाएंगे.








