कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बल्लारी, विजयनगर और बागलकोट जिलों का हवाई सर्वे किया और सूखे की स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने बागलकोट के शिरूर गांव में पहुंचकर फसलों का निरीक्षण किया और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं. जिला सूखा समीक्षा बैठक में शिवकुमार ने कहा कि कर्नाटक में देश का दूसरा सबसे बड़ा सूखा प्रभावित क्षेत्र है. सूखा एक प्राकृतिक चुनौती है, जिसका सामना सभी को मिलकर करना होगा. उन्होंने अधिकारियों को केंद्रीय टीम के सामने सूखे की स्थिति की सही जानकारी देने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को वास्तविक स्थिति बतानी चाहिए और गलत आंकड़े नहीं देने चाहिए.
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने अधिकारियों को फसल बीमा में हो रही गड़बड़ियों पर रोक लगाने और किसानों को गुमराह करने वाले एजेंटों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि सूखे से परेशान किसानों की मदद के लिए सरकारी मशीनरी को मिलकर काम करना चाहिए. शिवकुमार ने बताया कि बागलकोट में इस साल 40 फीसदी बारिश की कमी दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि फसल बीमा को लेकर शिकायतें मिली हैं. रिपोर्ट के मुताबिक, बागलकोट में फसल बीमा योजना में करीब 30 करोड़ रुपये के घोटाले की बात सामने आई है. सरकार पहले इसकी रिपोर्ट लेगी और उसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी.
100 से ज्यादा तालुक पहले ही सूखा प्रभावित
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य में सूखे की स्थिति का विस्तृत सर्वे किया जा रहा है. सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर अगले 3-4 दिनों में कुछ और तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा सकता है. उन्होंने बताया कि तय मानकों के आधार पर अब तक 100 से ज्यादा तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जा चुका है. शिवकुमार ने कहा कि अगले 3-4 दिनों में कुछ और तालुक इसमें जोड़े जाएंगे. इसके करीब दो हफ्ते बाद भी जरूरत के अनुसार अतिरिक्त तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित किया जाएगा.
शिवकुमार ने कुडलसंगमा में संगमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि सरकार ने अधिकारियों और स्थानीय विधायकों से सूखे की स्थिति की जानकारी जुटाई है. विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सर्वे भी किया है. हालांकि, नए तालुकों को सूखा प्रभावित घोषित करने से पहले केंद्र सरकार के तय मानकों के अनुसार इन आंकड़ों की जांच की जाएगी. इससे पहले शिवकुमार ने कुडलसंगमा में संगमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस दौरान मंत्री विजयानंद काशप्पनावर, विधायक और अन्य नेता मौजूद रहे.
किसानों के लिए कर्जमाफी की मांग
वहीं, कुछ देर पहले खबर सामने आई थी कि कर्नाटक सरकार सूखा राहत और किसानों की कर्जमाफी की मांग को लेकर सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के साथ दिल्ली जाएगी. मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी राज्य में सूखे की स्थिति को स्वीकार कर चुके हैं, इसलिए केंद्र को राहत देनी चाहिए. उन्होंने बीजेपी पर सूखे के मुद्दे पर राजनीति करने और बेंगलुरु की विकास परियोजनाओं का विरोध करने का आरोप लगाया.