Sugarcane Cultivation: उत्तर प्रदेश के गन्ना विभाग ने किसानों की मदद के लिए सहारनपुर मंडल में 36 ड्रोन तैनात किए हैं. इन ड्रोन की मदद से बारिश के मौसम में गन्ने की फसल पर कीटनाशक, दवाओं और पोषक तत्वों का छिड़काव किया जाएगा. बारिश के दौरान खेतों में पानी भर जाने से किसानों के लिए फसल में जाना और छिड़काव करना मुश्किल हो जाता है. ऐसे में ड्रोन के जरिए कम समय में खेतों में छिड़काव किया जा सकेगा. बारिश रुकने के थोड़े समय में भी किसान फसल पर जरूरी दवाओं और पोषक तत्वों का छिड़काव करा सकेंगे.
ये ड्रोन सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों की गन्ना सहकारी समितियों के जरिए किसानों को उपलब्ध कराए गए हैं. इस पहल का उद्देश्य गन्ने की फसल को बीमारियों और पोषक तत्वों की कमी से बचाना है. साथ ही, बारिश के बीच छिड़काव का काम समय पर पूरा करने में किसानों को मदद मिलेगी. गन्ना विभाग के मुताबिक, एक ड्रोन करीब पांच मिनट में एक एकड़ खेत में दवा या पोषक तत्वों का छिड़काव कर सकता है. इससे मौसम खराब होने के बीच बारिश रुकते ही किसान कम समय में अपनी फसल पर जरूरी छिड़काव करा सकेंगे.
जलभराव वाले खेतों में ड्रोन से होगा छिड़काव
बरसात के मौसम में गन्ने के खेतों में पानी भर जाना बड़ी समस्या है. जलभराव के कारण किसान खेत में जाकर खाद, कीटनाशक और फसल बचाने वाली दवाओं का छिड़काव नहीं कर पाते हैं. ड्रोन की मदद से किसानों को पानी भरे खेतों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उप गन्ना आयुक्त ओम प्रकाश सिंह ने न्यूज वेबसाइट लोकल 18 को कहा कि किसानों की सुविधा के लिए गन्ना सहकारी समितियों के जरिए कई तरह की मशीनों की व्यवस्था की गई है. उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में जलभराव वाले खेतों में गन्ने की फसल में पोषक तत्वों की कमी या बीमारी होने पर ड्रोन से दवाओं का छिड़काव कराया जा सकता है.
36 ड्रोन से जलभराव वाले खेतों में दवा का छिड़काव
सहारनपुर मंडल में किसानों के लिए 36 ड्रोन उपलब्ध कराए गए है. गन्ना विभाग के मुताबिक, अगर बारिश करीब 30 मिनट के लिए भी रुकती है तो किसान ड्रोन की मदद से लगभग पांच मिनट में एक एकड़ खेत में दवा का छिड़काव करा सकते हैं. विभाग ने कहा कि अगर छिड़काव के कुछ देर बाद फिर बारिश होने की संभावना है तो दवा के घोल में स्टिकर मिलाया जा सकता है. इससे दवा बारिश के बावजूद फसल पर ज्यादा समय तक असरदार बनी रहेगी. खास बात यह है कि किसानों को ड्रोन सेवा और दवाओं के लिए अलग से कोई पैसा नहीं देना होगा. संबंधित गन्ना सहकारी समितियां किसानों को ड्रोन और जरूरी कृषि सामग्री उपलब्ध कराएंगी. इस सुविधा का लाभ लेने के लिए किसानों को अपने नजदीकी गन्ना सहकारी समिति से संपर्क करने की सलाह दी गई है.