जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से मुलाकात के बाद अपना अनशन समाप्त किया. बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से कुछ मांगों पर लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने यह फैसला लिया. सरकार ने लिखित आश्वासन दिया है कि जिन छात्रों के खिलाफ मामले दर्ज हैं और जिन्होंने किसी तरह की हिंसा नहीं की है, उनके केस वापस लिए जाएंगे. इसके अलावा सरकार ने यह भी लिखित भरोसा दिया है कि नीट (NEET) परीक्षा से जुड़े उन अभ्यर्थियों के परिवारों को मुआवजा देने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा, जिन्होंने आत्महत्या की थी. सरकार के इन आश्वासनों के बाद सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया. वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आधी रात को आकर NEET पेपर लीक मामले में छात्रों से अपील की.
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है. वांगचुक ने लिखा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने अपना अनशन खत्म किया. उन्होंने बताया कि इससे पहले अलग-अलग राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की थी या पत्र लिखकर अनशन खत्म करने की अपील की थी. वांगचुक के मुताबिक, सरकार के साथ लंबी बातचीत और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए उन्होंने यह फैसला लिया. उन्होंने कहा कि अनशन खत्म करने से जुड़ी सभी शर्तों की जानकारी वह जल्द ही एक अलग वीडियो के जरिए साझा करेंगे. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे शांति बनाए रखें और देश में कहीं भी किसी तरह की हिंसा न होने दें.
Just now in the presence of Union Ministers Sh. JP Nadda, Dr. Jitendra Singh and the senior leaders of Apex Body of Leh Ladakh I finally broke my fast after 26 days. Earlier 65 members of parliament from different political parties had visited or signed letters urging me to break… pic.twitter.com/RFCet7Oksy
और पढ़ें— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 23, 2026
पीएम मोदी की सोशल मीडिया पर अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार 23 जुलाई की देर रात को सोशल मीडिया के जरिए NEET पेपर लीक मामले पर छात्रों की चिंताओं को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य गलती नहीं है, बल्कि यह लाखों छात्रों और उनके परिवारों के साथ बड़ा अन्याय है. इससे छात्रों को भारी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. पीएम मोदी ने कहा कि इसी गंभीरता को देखते हुए पिछले ढाई महीनों में सरकार ने तेज और सख्त कार्रवाई की है. मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी.
More strict actions against paper leaks to come in tomorrow’s Cabinet! pic.twitter.com/NRysBukk5U
— Narendra Modi (@narendramodi) July 23, 2026
जस्टिस अनु ग्रोवर फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्पेशल जज नियुक्त
इसी बीच देर रात दिल्ली हाईकोर्ट ने जस्टिस अनु ग्रोवर बालीगा को फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्पेशल जज नियुक्त किया. यह अदालत पेपर लीक और सरकारी परीक्षाओं में नकल या अन्य अनुचित तरीकों से जुड़े आपराधिक मामलों की सुनवाई करेगी.
आज CJP और सरकार के बीच बैठक
इस कदम का उद्देश्य ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा करना और दोषियों को जल्द सजा दिलाना है. रकारी सूत्रों के अनुसार, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेगा. सूत्रों ने बताया कि यह बैठक दोपहर 12:30 बजे होगी. हालांकि, बैठक कहां होगी, इसकी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है. वहीं, इस प्रस्तावित बैठक को लेकर CJP की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.