केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा सीड एक्ट (बीज विधेयक) में संशोधन के लिए 20 किसान संगठनों से विचार किया है, जो आगे भी जारी रहेगा. उन्होंने कहा कि अभी एक्ट लागू करने पर कोई डेडलाइन नहीं तय की गई है. किसानों के हित में एक्ट में संशोधन करके लागू किया जाएगा और इसके लिए जल्दबाजी में निर्णय नहीं होगा. बैठक में शामिल रहे किसान नेता गुणी प्रकाश और राजेश धाकड़ ने कहा कि सीड एक्ट के मसौदे में कई कड़े प्रावधान रखे गए हैं.
बीज माफियाओं पर शिकंजा कसने और घटिया बीजों की बिक्री के तंत्र को पूरी तरह तोड़ने के लिए केंद्र सरकार नए बदलावों के साथ ही सीड एक्ट लाने जा रही है. इसके लिए आज 10 सितंबर को देशभर के किसान नेताओं के साथ केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठक की. इस दौरान बीजों की समस्याओं और घटिया, नकली बिक्री, निर्माण और सप्लाई समेत कई बिंदुओं पर मंथन किया गया.
सीड एक्ट पर 18 हजार से ज्यादा सुझाव मिले- कृषि मंत्री
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देशभर के किसान संगठनों के नेताओं से सीड एक्ट पर सुझाव लिए गए हैं. उन्होंने कहा कि पिछले साल नवंबर-दिसंबर 2025 में ड्राफ्ट पर पब्लिक कंसल्टेशन के लिए सुझाव मांगे गए थे, एक्ट के लिए 18 हजार से ज्यादा सुझाव मिले हैं. अभी एक्ट को लागू करने की कोई डेडलाइन तय नहीं की गई है. उन्होंने कहा कि यह एक्ट किसानों के लिए है और वह इसके प्रमुख हैं. इसलिए सभी बिंदुओं पर ध्यान रखते हुए इसे लागू करने का फैसला लिया जाएगा. उन्होंने संसद शीतकालीन सत्र में इसे लागू करने पर कहा कि अभी कुछ तय नहीं किया गया है, विचार चल रहा है. सभी पक्षों से बात करके ही इसे लागू करने का निर्णय होगा, इस पर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी.
70 फीसदी बीज मौजूदा एक्ट के दायरे से बाहर, नकली बीजों पर नकेल जरूरी
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चिंता व्यक्त की कि आज 70 फीसदी बीज मौजूदा बीज अधिनियम के दायरे से बाहर हैं. बीज की व्यवस्था भिन्न है और राज्यों की अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं. सजा के प्रावधान भी बहुत प्रभावी नहीं हैं. उन्होंने कहा कि प्रभावी दंड व्यवस्था के तहत नए सीड बिल के प्रस्ताव में अपराधों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है. छोटी चूक के लिए पहली बार चेतावनी और दूसरी बार अधिक जुर्माना होगा.
बीजों को उन्नत बनाने और कीमत नियंत्रण का मुद्दा उठा – गुणी प्रकाश
किसान नेता गुणी प्रकाश ने किसान इंडिया को बताया कि कृषि मंत्रालय के बुलावे पर 20 संगठनों के किसान नेता जुटे थे और सरकार को तकनीक के जरिए बीजों को उन्नत बनाने, अंतिम छोर तक वितरण और बीज की कीमतों पर नियंत्रण बनाए रखने का सुझाव दिया. उन्होंने कहा कि अभी सीड एक्ट के मसौदे पर चर्चा जारी रहेगी.
जुर्माना कोई भी भर देगा एक्ट में सजा बढ़ाई जाए- राजेश धाकड़
बैठक में शामिल होने वाले किसान महापंचायत मध्य प्रदेश के अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने किसान इंडिया को बताया कि वह बीज माफियाओं पर सख्ती के लिए जुर्माना राशि के साथ ही सजा बढ़ाने की मांग की और इसे लागू कराने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कीटनाशक दवाओं पर डीलरशिप की मोनोपोली समाप्त करने का सुझाव दिया गया है और सख्ती बढ़ाने की मांग की गई है.
ये किसान संगठन शामिल हुए
10 सितंबर को राष्ट्रीय विमर्श में कश्मीर से कन्याकुमारी तक के किसान प्रतिनिधि एक मंच पर उपस्थित रहे. इस बैठक में भारतीय किसान संघ, बीकेयू (विभिन्न घटक), अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC), किसान महापंचायत, भारतीय कृषक समाज, गांव किसान उन्नयन और सोसाइटी फॉर इंडिपेंडेंट फार्मर्स एसोसिएशन (SIFA) का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुए. इसके साथ ही कर्नाटक रैयत संघ, तेलंगाना रैयत संघ, महाराष्ट्र का शेतकारी संगठन, गुजरात का खेदुत समाज, राजस्थान व बिहार की राष्ट्रीय किसान प्रोग्रेसिव एसोसिएशन, तमिलनाडु का व्यवसाइगल संघम, झारखंड का प्रगतिशील कृषि मंच तथा केरल के कोट्टायम का कृषक संगठन सहित कई राज्यों के जमीनी किसान प्रतिनिधि भी सीधे कृषि मंत्री के समक्ष अपनी बात रखी.