नवरात्रि 2026: कब होगी कलश स्थापना, कितने दिन चलेगा पर्व? जानें अष्टमी-नवमी की तारीख

Shardiya Navratri 2026: ढोल-नगाड़ों की गूंज, मंदिरों में सजे मां दुर्गा के दरबार और ‘जय माता दी’ के जयकारों के साथ जल्द ही शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने वाली है. इस बार नवरात्रि कई मायनों में खास रहने वाली है, क्योंकि अष्टमी और महानवमी का पर्व एक ही दिन मनाया जाएगा. 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्रि उत्सव में नौ दिनों तक मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा होगी और 20 अक्टूबर को विजयदशमी के साथ इसका समापन होगा. पूजा-पाठ से लेकर कलश स्थापना और अष्टमी-नवमी के शुभ समय तक, जानिए इस बार नवरात्रि से जुड़ी सभी जरूरी बातें.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 10 Sep, 2026 | 05:44 PM
1 / 611 अक्टूबर से होगी शुरुआत: शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी. इसी दिन घटस्थापना के साथ नौ दिनों की पूजा शुरू होगी.

11 अक्टूबर से होगी शुरुआत: शारदीय नवरात्रि 2026 की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से होगी. इसी दिन घटस्थापना के साथ नौ दिनों की पूजा शुरू होगी.

2 / 6कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: दिल्ली के पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर को सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक घटस्थापना का शुभ समय रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त: दिल्ली के पंचांग के अनुसार 11 अक्टूबर को सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक घटस्थापना का शुभ समय रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा.

3 / 6नौ दिनों में नौ देवी स्वरूपों की पूजा: नवरात्रि में 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री से पूजा शुरू होगी और 19 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ नौ देवी स्वरूपों की आराधना पूरी होगी.

नौ दिनों में नौ देवी स्वरूपों की पूजा: नवरात्रि में 11 अक्टूबर को मां शैलपुत्री से पूजा शुरू होगी और 19 अक्टूबर को मां सिद्धिदात्री की पूजा के साथ नौ देवी स्वरूपों की आराधना पूरी होगी.

4 / 6एक ही दिन अष्टमी और महानवमी: इस बार 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों मनाई जाएंगी. इसी दिन संधि पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा.

एक ही दिन अष्टमी और महानवमी: इस बार 19 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी और महानवमी दोनों मनाई जाएंगी. इसी दिन संधि पूजा का भी विशेष महत्व रहेगा.

5 / 6कलश स्थापना की आसान विधि: पूजा स्थल की सफाई के बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं, जौ बोएं और उसके ऊपर जल से भरा कलश रखें. कलश में अक्षत, सुपारी और सिक्का डालकर ऊपर पत्ते और नारियल रखा जाता है.

कलश स्थापना की आसान विधि: पूजा स्थल की सफाई के बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं, जौ बोएं और उसके ऊपर जल से भरा कलश रखें. कलश में अक्षत, सुपारी और सिक्का डालकर ऊपर पत्ते और नारियल रखा जाता है.

6 / 620 अक्टूबर को दशहरा: नवरात्रि की पूजा पूरी होने के बाद 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा. कई जगहों पर इसी दिन दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाएगा.

20 अक्टूबर को दशहरा: नवरात्रि की पूजा पूरी होने के बाद 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयदशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा. कई जगहों पर इसी दिन दुर्गा प्रतिमा का विसर्जन भी किया जाएगा.

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Published: 10 Sep, 2026 | 05:44 PM

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