Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के गेहूं किसानों से लिए गए गेहूं बीज का भुगतान लंबित होने से मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. कृषि विभाग किसानों का डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान नहीं कर सका है. इससे किसानों के सामने अगली बुवाई के लिए खेत तैयार करने, खाद खरीदने को लेकर संकट होने की चिंता जताई जा रही है. वहीं, कृषि विभाग ने कहा है कि किसानों के भुगतान के लिए शासन से बजट की मांग की गई है. जल्द किसानों के पैसे का भुगतान किया जाएगा.
10 हजार क्विंटल बीज का भुगतान कई महीने बाद भी लंबित
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में कृषि विभाग की ओर से किसानों से गेहूं का बीज खरीदे जाने के महीनों बाद भी सैकड़ों किसानों को उनकी फसल की अदायगी नहीं हो पाई है. भुगतान में देरी को लेकर किसानों में भारी रोष है और आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है. कृषि विभाग ने इस वर्ष जिले के 343 किसानों से करीब साढ़े 10 हजार क्विंटल गेहूं का बीज खरीदा था, लेकिन अब तक सभी किसानों को भुगतान नहीं मिल पाया है.
डेढ़ करोड़ रुपये नहीं मिलने से किसान संकट में
कृषि विभाग को गेहूं की बिक्री करने वाले किसानों ने मीडिया को बताया कि उनसे गेहूं के बीज की खरीदारी की गई थी. 343 में से 179 किसानों को गेहूं बीज की पेमेंट जारी कर दी गई है, जबकि 164 किसान अभी भी अपने भुगतान का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का दावा है कि कृषि विभाग के पास उनका डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान बकाया है. उनका कहना है कि अगली फसल की बुआई के लिए खाद, डीजल और मजदूरी का खर्च करना है, लेकिन भुगतान न मिलने के कारण आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं.
अगली फसल की तैयारी के लिए मुश्किल में किसान
किसानों ने आरोप लगाया कि भुगतान के लिए विभाग के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें सिर्फ आश्वासन मिल रहा है. किसानों ने कहा कि गेहूं बीज का भुगतान नहीं किए जाने से उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. वहीं, अगली फसल की तैयारी के लिए जुताई से लेकर खाद-बीज की खरीद आदि के लिए चिंता सता रही है. किसानों ने सरकार और कृषि विभाग से बकाया राशि का जल्द भुगतान करने की मांग की है.

सिरमौर के गेहूं किसानों ने भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताई.
कृषि विभाग ने फंड के लिए उच्चाधिकारियों को बजट भेजा
किसानों को भुगतान नहीं किए जाने के मामले पर कृषि उपनिदेशक सिरमौर डॉ. साहब सिंह ने मीडिया को बताया कि सिरमौर जिले में 343 किसानों से गेहूं का बीज खरीदा गया था, जिनमें से 179 किसानों को भुगतान विभाग के जरिए किया जा चुका है. उन्होंने कहा कि 164 किसानों की पेमेंट अभी बाकी है और बजट के लिए उच्चाधिकारियों को लिखा गया है. बजट मिलते ही किसानों को बकाया राशि का भी भुगतान कर दिया जाएगा.