बीज सब्सिडी बढ़ाने और वसुधामृत योजना का ऐलान, सभी गांवों का नाम ‘महात्मा गांधी ग्राम पंचायत’ रखने का फैसला

Karnataka Budget: कर्नाटक सरकार ने अपने बजट में किसानों को बिना ब्याज के लोन सुविधा देने की घोषणा की है. जबकि, सहकारी समितियों और सरकारी मंडियों को डिजिटल करने का ऐलान किया गया है. पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती के लिए वसुधामृत योजना और बायोलॉजिकल पेस्टीसाइड को बढ़ावा देने के लिए सस्यसंजीवनी योजना की घोषणा की गई है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 6 Mar, 2026 | 03:20 PM

कर्नाटक सरकार ने आज विधानसभा में राज्य का बजट 2026-27 पेश कर दिया है. बजट में सभी गांवों की पंचायतों को नाम महात्मा गांधी ग्राम पंचायत रखने का ऐलान किया गया है. यह पहल महात्मा गांधी के योगदान को याद रखने के लिए की गई है.  मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बजट पेश करते हुए किसानों और ग्रामीणों के लिए कई नई योजना का ऐलान किया है. सस्यसंजीवनी योजना की घोषणा मुख्यमंत्री कृषि विस्तार योजना के लिए 100 करोड़ का आवंटन किया गया है. बीज किस्मों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी बढ़ाने की घोषणा की गई है. पर्यावरण के अनुकूल टिकाऊ खेती के लिए वसुधामृत योजना और बायोलॉजिकल पेस्टीसाइड को बढ़ावा देने के लिए सस्यसंजीवनी योजना की घोषणा की गई है.

राज्य के विकास पर खर्च होंगे 4.48 लाख करोड़ रुपये

कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को विधानसभा में अपना लगातार 17वां बजट पेश करते हुए कहा कि कर्नाटक देश के डेवलपमेंट में सबसे आगे है और देश को टैक्स रेवेन्यू देने वाले सबसे बड़े राज्यों में से एक है. उन्होंने कहा कि हमारा राज्य देश के डेवलपमेंट के सभी सेक्टर्स में सबसे आगे है. यह उन खास राज्यों में से एक है जो सबसे ज्यादा टैक्स रेवेन्यू देता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्नाटक बजट 2026-27 के लिए कुल खर्च 4,48,004 करोड़ रुपये होने का अनुमान है.

केंद्र पर राज्य के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया

बजट पेश करते हुए सिद्धारमैया ने कहा कि संविधान के मुताबिक फेडरल गवर्नेंस सिस्टम को न मानकर केंद्र कर्नाटक के साथ अन्याय कर रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार एक डेवलपमेंट स्ट्रेटेजी अपना रही है जो वेलफेयर प्रोग्राम्स को इंफ्रास्ट्रक्चर में इन्वेस्टमेंट और लंबे समय के इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन के साथ बैलेंस करती है, साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से राज्य की मांगों के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होने की अपील की.

महात्मा गांधी के नाम पर होगा सभी पंचायतों का नाम

कर्नाटक बजट 2026-27 में ग्रामीण विकास के लिए खास महत्व दिया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम को अमर बनाने के मकसद से राज्य की सभी ग्राम पंचायतों का नाम ‘महात्मा गांधी ग्राम पंचायत’ रखने का निर्णय लिया गया है. पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत राज्य की सभी पंचायतों में सोलर माइक्रो ग्रिड बनाने के लिए ‘अनंता’ स्कीम को लागू करने का लक्ष्य तय किया गया है.

नए बीजों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी बढ़ी

किसानों की जिंदगी को मजबूत बनाने के मकसद से कांग्रेस की कर्नाटक सरकार ने 2026-27 के बजट में कई कदम उठाए हैं. इसके तहत मुख्यमंत्री कृषि विस्तार योजना के लिए 100 करोड़ का आवंटन किया गया है. मिलेट हब को सिंगल-विंडो सिस्टम के साथ एक आत्मनिर्भर संस्था के तौर पर डेवलप किया जाएगा. इसके अलावा बीज की किस्मों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी बढ़ाई गई है.

कृषि ट्रेनिंग सेंटर बनेगा और सस्यसंजीवनी योजना की घोषणा

इसके अलावा AI टेक्नोलॉजी से जुड़ा एक किसान कॉल सेंटर और एक राज्य-स्तरीय कृषि ट्रेनिंग सेंटर बनाया जा रहा है. पर्यावरण के अनुकूल, टिकाऊ खेती के लिए, वसुधामृत योजना और बायोलॉजिकल पेस्टीसाइड को बढ़ावा देने के लिए सस्यसंजीवनी योजना की घोषणा की गई है.

जल जीवन मिशन स्कीम पर 10 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे

बजट में जल जीवन मिशन स्कीम के लिए सेंट्रल फंडिंग की कमी के बावजूद राज्य सरकार ने इसके लिए 10,433 करोड़ रुपये दिए हैं अभी इस स्कीम के तहत काम कर रहे हैं. कोप्पल जिले के येलबुर्गा और कुकनूर तालुकों के बिन्नीकोप्पा और 23 गांवों को शुद्ध पीने का पानी देने का प्रोजेक्ट 125 करोड़ रुपये की लागत से लागू किया गया है.

Karnataka Budget zero interest loan for farmers

किसानों को बिना ब्याज के मिलेगा लोन.

मनरेगा मजदूरों के लिए फैसला

MGNREGA को फिर से शुरू करने की ज़ोरदार मांग, जिसने ग्राम पंचायतों को मजबूत बनाया और गांव की रोजी-रोटी को मजबूत किया जा रहा है. गांव के मजदूरों के अधिकारों की रक्षा और डीसेंट्रलाइज़्ड गवर्नेंस के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं, जिसमें जरूरत पड़ने पर कानूनी लड़ाई भी शामिल है. ‘प्रगति पथ’ स्कीम के तहत, 783 सड़कों का सर्वे का काम पूरा हो चुका है, और 655 सड़कों के लिए DPR तैयार हो चुके हैं। इसके लिए इस साल 500 करोड़ रुपये दिए गए हैं.

किसानों को बिना ब्याज लोन मिलेगा और सहकारी समितियां डिजिटल होंगी

कर्नाटक बजट 2026-27 में 38 लाख किसानों को 30,000 करोड़ के जीरो इंटरेस्ट लोन बांटने का फैसला किया गया है. इसके साथ ही कोऑपरेटिव सोसाइटियों को डिजिटल बनाने और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मैसूर और हुबली में कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने जैसी पहलों के साथ सहयोग को मजबूत करने पर फोकस किया गया है. इसके अलावा APMCs के कामकाज को आसान बनाने के लिए ERP सिस्टम बनाए जाएंगे. कर्नाटक के किसानों और कोऑपरेटिव सेक्टर को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया है.

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Published: 6 Mar, 2026 | 03:05 PM

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