झारखंड सरकार ने बजट में महिला किसान खुशहाली योजना लॉन्च की, कृषि के लिए बड़ी रकम अलॉट

Jharkhand Budget 2026: झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में 2026-27 वित्त वर्ष के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया. राज्य सरकार ने महिला सशक्तिकरण और कृषि विकास के लिए खास फोकस किया है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 24 Feb, 2026 | 01:54 PM

झारखंड सरकार ने आज मंगलवार को विधानसभा में 2026-27 फाइनेंशियल ईयर के लिए 1.58 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है. बजट में खेती-किसानी के लिए खास तरजीह दी गई है. वहीं, कृषि कार्यों में लगीं महिलाओं के लिए महिला किसान खुशहाली योजना को लॉन्च किया है. बता दें कि राज्य सरकार ने बीते साल यानी 2025-26 में 1.45 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया था.

झारखंड सरकार ने भारी भरकम बजट पेश किया

झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विधानसभा में 2026-27 के लिए 1,58,560 करोड़ रुपये का बजट पेश किया. उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, किसानों, आदिवासियों और महिलाओं सहित समाज के हर वर्ग की आकांक्षाओं को पूरा करेगा. हेमंत सरकार ने पिछली बार यानी 2025-26 में 1.45 लाख करोड़ का बजट पेश किया था. लेकिन, इस बार बजट की राशि बढ़ा दी गई है.

कृषि और महिला किसान खुशहाली योजना

झामुमो सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें तकनीक से जोड़ने के लिए महिला किसान खुशहाली योजना की घोषणा की है. इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य महिला किसानों को एकीकृत खेती (इंटीग्रेटेड फार्मिंग) और बेहतर बाजार उपलब्ध कराना है. बजट में बताया गया कि राज्य में कृषि क्षेत्र में रोजगार की भागीदारी 44.3% से बढ़कर 50.4% हो गई है.

मंइयां सम्मान योजना के तहत 100 गांवों को गोद लेंगे बैंक

वितमंत्री ने कहा कि मंइयां सम्मान योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सुदृढ़ीकरण हो रहा है.  झारखण्ड की बेटियों और महिलाओं के लिए बजट में सौगात देते हुए मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लिए 14,065.57 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है. 18-50 वर्ष की हर मंईयां को साल के 30,000 रुपये मिलेंगे.  वित्तमंत्री ने कहा कि बैंकर्स राज्य के गांवों के विकास में सरकार का सक्रिय सहयोग करें. प्रत्येक बैंक अपने संसाधनों के अनुसार राज्य के गांवों को गोद लें और वहां महिलाओं के उत्थान के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करें. सरकार इस दिशा में हर संभव सहयोग प्रदान करेगी. उन्होंने लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में बैंक राज्य के कम से कम 100 गांवों को गोद लेकर महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए ठोस पहल की जाए.

केंद्र सरकार पर योजनाओं का पैसा नहीं देने का आरोप

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय योजनाओं के कारण राज्य पर वित्तीय बोझ बढ़ा है और केंद्र सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है. राज्य को अब तक केवल 5 हजार करोड़ रुपये मिले हैं, जबकि केंद्र से 11 हजार करोड़ रुपये की जरूरत बताई गई है. साथ ही, जीएसटी व्यवस्था के कारण राज्य को लगभग 4 हजार करोड़ रुपये का नुकसान भी उठाना पड़ा है.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 24 Feb, 2026 | 01:33 PM

खीरे की फसल के लिए किस प्रकार की मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है?