कृषि-पशुपालन की 16 योजनाओं पर खर्च होंगे 27746 करोड़, कृषि कैबिनेट में किसानों को बोनस देने का ऐलान

मुख्यमंत्री ने पहली कृषि कैबिनेट में बताया कि कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी बनाने पर मुहर लगाई गई है. इसके लिए 10 करोड़ रुपये फंड तय किया गया है. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मास्ट्रर ट्रेनर बनाया जाएगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Updated On: 2 Mar, 2026 | 04:07 PM

मध्य प्रदेश में कृषि विकास को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि कृषि-पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य समेत 6 विभागों की 16 योजनाओं पर राज्य सरकार ने 27746 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए हैं.  उन्होंने कहा कि कृषि कैबिनेट में किसानों को दलहन पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस का ऐलान किया गया है. सोयाबीन और सरसों को भी भावांतर योजना में शामिल किया जा रहा है. इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है. उन्होंने कहा कि बड़वानी जिले की कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी बनाने पर मुहर लगाई गई है. इसके लिए 10 करोड़ रुपये फंड तय किया गया है. इसके साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों मास्ट्रर ट्रेनर बनाया जाएगा.

किसान कल्याण वर्ष के तहत बड़वानी-निमाड़ आदिवासी अंचल में कृषि कैबिनेट का आयोजन किया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नर्मदा परियोजनाओं और सिंचाई विस्तार के कारण आज यहां के आदिवासी बहुत क्षेत्र को खेती का रकबा बढ़ाने में मदद मिली है.  लहलहाते खेत और समृद्ध किसान आज इस अंचल की प्रगति, समृद्धि और आत्मनिर्भरता की कहानी बताते हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कैबिनेट में किसानों के कल्याण के लिए 6 विभागों की 16 योजनाओं पर निर्णय लिए गए. कुल 27746 करोड़ रुपये की राशि से कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन, मत्स्य, सहकारिता और नर्मदा घाटी विकास से जुड़े प्रस्ताव पास किए गए हैं.

आदर्श मंडी बनाने के लिए 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी कृषि उपज मंडी को आदर्श मंडी के रूप में विकसित किया जाएगा. बड़वानी में क्षेत्र या कृषि उपज मंडी को आदर्श उपज मंडी बनाया जाए ताकि क्षेत्रीय मंडी के कपास और मक्के की जो प्रमुख खेती है उसके किसानों को सही समय पर कीमत मिल सके. इसके लिए लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत आएगी. सीएम ने कहा कि अब यहां कृषि उपज मंडी बनाने की घोषणा की जा रही है.

7986 किसानों को माइक्रो इरिगेशन सिस्टम मिला

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी में सूक्ष्म तंत्र सिंचाई परियोजना के माध्यम से सिंचाई सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं है और इसके लिए 2026-27 में माइक्रो इरिगेशन के सिस्टम के आधार पर लगभग 5940 हेक्टर में सिंचाई का निर्णय लिया गया है. इसके आधार पर 7986 किसानों को इसका लाभ मिलेगा, जिसके आधार पर कृषि कल्याण वर्ष में अपनी फसल का उत्पादन बढ़ा कर आत्मनिर्भर होने की दिशा में बढ़ेंगे.

किसानों को मास्टर ट्रेन बनाएगी सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़वानी जिले के 25 किसानों को प्राकृतिक खेती के मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा, जिससे नवीन और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों का उत्पादन बढ़ेगा.  उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश देश के अंदर एकमात्र ऐसा राज्य है जो अपनी प्राकृतिक खेती के लिए पूरे देश में जाना जाता है. ऐसे में हमारे यहां और प्राकृतिक ऐसे में 25 किसानों को मास्टर ट्रेनर बना कर प्रदेश के बाहर प्रशिक्षण भेजने का निर्णय भी हमारी सरकार की ओर से लिया जा रहा है.

दलहन फसलों के साथ सरसों को भी भावांतर में शामिल किया गया

मध्य प्रदेश ने उड़द प्रोत्साहन शुरू किया है और ये देश में पहली बार हुआ जब हमने दलहन के लिए तीसरी फसल के नाते 600 रुपये प्रति कुंतल का बोनस देने की घोषणा की गई है. इसके चलते राज्य में दलहन फसलों का रकबा 4.15 लाख हेक्टेयर में अधिक होगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि सोयाबीन का इस समय हमने भावांतर योजना में भुगतान करके किसानों को नुकसान से बचाया है. अब तिलहन फसलों और सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया है. सीएम ने कहा कि इस बार लगभग 15.71 लाख मीट्रिक टन उत्पादन दलहन और सरसों का होने वाला है. भावांतर योजना में शामिल करने के लिए हमने भारत सरकार को इसका प्रस्ताव दिया है.

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Published: 2 Mar, 2026 | 04:03 PM

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