Badamba Sugar Mill revival: देश में सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. उर्वरक और कृषि क्षेत्र से जुड़ी प्रमुख कंपनी इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) ने ओडिशा सरकार के साथ मिलकर कटक जिले की बदंबा चीनी मिल को फिर से शुरू करने का फैसला किया है. इस परियोजना में लगभग 360 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. लंबे समय से बंद पड़ी इस चीनी मिल के फिर से शुरू होने से इलाके के हजारों किसानों और युवाओं को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है.
बिजनेसलाइन की खबर के अनुसार, कंपनी और राज्य सरकार के बीच इस परियोजना को लेकर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं. यह समझौता इंडियन पोटाश के प्रबंध निदेशक पी.एस. गहलौत और राज्य के सहकारिता विभाग के सचिव राजेश प्रभाकर पाटिल के बीच हुआ. इस मौके पर केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे. इस परियोजना को राज्य के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
15 साल से बंद पड़ी थी चीनी मिल
कटक जिले के बदंबा क्षेत्र में स्थित बदंबा सहकारी चीनी मिल पिछले करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी थी. इसके कारण इलाके में गन्ने की खेती लगभग खत्म हो गई थी और किसानों को अपनी फसल के लिए दूसरे विकल्प तलाशने पड़ रहे थे. अब इस मिल को आधुनिक तकनीक के साथ दोबारा शुरू करने की योजना बनाई गई है. उम्मीद है कि अगले एक वर्ष के भीतर यह मिल फिर से चालू हो जाएगी. नई मिल की क्षमता करीब 3,500 टन गन्ना प्रतिदिन (TCD) होगी. इससे इलाके में गन्ना उत्पादन को भी नई गति मिलेगी.
सरकार देगी जमीन, बनेगा आधुनिक प्लांट
इस परियोजना के तहत ओडिशा सरकार इंडियन पोटाश को 112 एकड़ जमीन लंबी अवधि के लीज पर उपलब्ध कराएगी. इसी जमीन पर आधुनिक चीनी मिल और उससे जुड़े अन्य औद्योगिक ढांचे बनाए जाएंगे.
नई परियोजना केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी. इसमें कई आधुनिक सुविधाएं भी शामिल होंगी. मिल परिसर में 16 मेगावाट क्षमता का को-जनरेशन पावर प्लांट लगाया जाएगा, जिससे बिजली का उत्पादन भी होगा. इसके अलावा प्रति दिन 10 टन क्षमता का बायो-सीएनजी प्लांट भी बनाया जाएगा, जिससे जैव ईंधन तैयार किया जा सकेगा. इसके साथ ही किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए एक आधुनिक कोल्ड स्टोरेज भी स्थापित किया जाएगा. इससे कृषि उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकेगा.
10 हजार किसानों को मिलेगा सीधा फायदा
इस परियोजना से कटक जिले के बदंबा ब्लॉक के करीब 10 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है. मिल के दोबारा शुरू होने से गन्ने की खेती को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर ही बेहतर बाजार मिल सकेगा.
विशेषज्ञों का मानना है कि जब किसी क्षेत्र में चीनी मिल सक्रिय होती है तो वहां की कृषि व्यवस्था भी मजबूत होती है. किसानों को समय पर भुगतान मिलता है और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होते हैं.
रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
चीनी मिल के फिर से शुरू होने से न केवल किसानों को फायदा होगा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे. मिल में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सैकड़ों लोगों को रोजगार मिल सकता है.
इसके अलावा परिवहन, कृषि उपकरण, गन्ना कटाई और अन्य सेवाओं से जुड़े कई छोटे व्यवसायों को भी बढ़ावा मिलेगा. इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था में नई जान आने की उम्मीद है.
सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने की पहल
इंडियन पोटाश लिमिटेड पहले भी कई राज्यों में बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनर्जीवित करने का काम कर चुकी है. गुजरात में तीन बीमार चीनी मिलों को सफलतापूर्वक फिर से शुरू करने के बाद अब कंपनी ओडिशा में इस परियोजना को आगे बढ़ा रही है. इस परियोजना के तकनीकी और वित्तीय अध्ययन के लिए नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज और SBI कैपिटल मार्केट्स जैसी संस्थाओं की मदद ली जा रही है.
कंपनी का कहना है कि इस मिल के दोबारा शुरू होने से किसानों की आय बढ़ेगी, गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी. कुल मिलाकर यह परियोजना ओडिशा के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है.