आम के फूलों की सही देखभाल से बढ़ेगी पैदावार, ऐसे बनाएं बाग को ज्यादा फलदार

आम के पेड़ आमतौर पर 5 से 8 साल बाद अच्छी तरह फूल देना शुरू करते हैं. ज्यादातर जगहों पर दिसंबर से फरवरी के बीच पेड़ों पर बौर यानी फूल आते हैं. इस समय हल्की ठंड और साफ मौसम फूलों के लिए अच्छा माना जाता है. अगर ज्यादा बारिश हो जाए, पाला पड़ जाए या बहुत ज्यादा नमी हो, तो फूल झड़ सकते हैं.

Kisan India
नई दिल्ली | Published: 18 Feb, 2026 | 09:33 AM

आम को फलों का राजा कहा जाता है. गर्मियों में हर घर में आम की खुशबू और स्वाद का इंतजार रहता है. भारत दुनिया में सबसे ज्यादा आम पैदा करने वाला देश है, लेकिन अच्छी पैदावार अपने आप नहीं मिलती. इसके लिए सही समय पर सही देखभाल बहुत जरूरी होती है. खासकर जब पेड़ों पर फूल आते हैं, तब की गई छोटी-छोटी गलतियां भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती हैं. अगर किसान इस समय थोड़ा ध्यान दे दें, तो आम की पैदावार और कमाई दोनों बढ़ सकती हैं.

कब और कैसे आते हैं आम में फूल

आम के पेड़ आमतौर पर 5 से 8 साल बाद अच्छी तरह फूल देना शुरू करते हैं. ज्यादातर जगहों पर दिसंबर से फरवरी के बीच पेड़ों पर बौर यानी फूल आते हैं. इस समय हल्की ठंड और साफ मौसम फूलों के लिए अच्छा माना जाता है. अगर ज्यादा बारिश हो जाए, पाला पड़ जाए या बहुत ज्यादा नमी हो, तो फूल झड़ सकते हैं. फूल जितने ज्यादा और स्वस्थ होंगे, फल लगने की संभावना भी उतनी ही ज्यादा होगी. लेकिन हर फूल फल नहीं बनता. इसलिए फूल आने के समय खास देखभाल जरूरी है.

पेड़ों की छंटाई क्यों है जरूरी

कई बार किसान पेड़ों को बिना छंटाई के बढ़ने देते हैं. इससे पेड़ बहुत घने हो जाते हैं और अंदर तक धूप नहीं पहुंच पाती. धूप की कमी से फूल कम आते हैं. इसलिए कटाई के बाद हल्की छंटाई करना फायदेमंद रहता है. सूखी और बेकार शाखाओं को हटाने से नई टहनियां निकलती हैं, जिन पर अच्छे फूल आते हैं.

कुछ किसान वैज्ञानिक तरीके अपनाते हैं, जैसे तने की हल्की गर्डलिंग. लेकिन यह काम बहुत सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा छाल हटाने से पेड़ को नुकसान हो सकता है.

सही खाद से बढ़ता है फूल और फल

फूल आने से पहले और उस समय पौधों को संतुलित खाद देना बहुत जरूरी है. ज्यादा नाइट्रोजन देने से पत्तियां तो खूब बढ़ती हैं, लेकिन फूल कम आते हैं. इसलिए खाद संतुलित मात्रा में दें.

फॉस्फोरस और पोटाश फूल और फल बनने में मदद करते हैं. पोटाश से फल का आकार, स्वाद और टिकाऊपन बेहतर होता है. इसके अलावा जिंक, बोरॉन और मैग्नीशियम जैसे सूक्ष्म तत्वों का छिड़काव करने से फूल गिरना कम होता है और फल अच्छे लगते हैं.

कीट और बीमारियों से बचाव जरूरी

फूल आने के समय आम के बाग में कीट और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. आम का भुनगा, मिली बग और कुछ अन्य कीट फूलों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. पाउडरी मिल्ड्यू जैसी बीमारी भी पैदावार घटा सकती है.

इसलिए बाग का नियमित निरीक्षण करें. जरूरत पड़े तो कृषि विशेषज्ञ की सलाह लेकर दवा का इस्तेमाल करें. लेकिन ध्यान रखें कि फूल पूरी तरह खिले होने पर ज्यादा कीटनाशक न छिड़कें, क्योंकि इससे परागण करने वाले कीट मर सकते हैं.

परागण का रखें खास ध्यान

आम के फूल छोटे होते हैं और मधुमक्खियों व अन्य कीड़ों की मदद से परागण होता है. अगर बाग में मधुमक्खियां ज्यादा होंगी, तो फल भी ज्यादा लगेंगे. इसलिए फूल आने के समय जहरीली दवाओं का उपयोग कम से कम करें. चाहें तो बाग में मधुमक्खी के बक्से भी रख सकते हैं.

पानी का सही प्रबंधन

फूल आने के समय ज्यादा पानी देना नुकसानदायक हो सकता है. हल्की नमी पर्याप्त होती है. ज्यादा सिंचाई से फूल गिर सकते हैं, जबकि बहुत कम पानी से पेड़ कमजोर हो सकता है. इसलिए जरूरत के हिसाब से संतुलित सिंचाई करें. तेज हवा से भी फूल और छोटे फल गिर जाते हैं. बड़े बागों में हवा रोकने के लिए किनारों पर मजबूत पेड़ या शेल्टर बेल्ट लगाना अच्छा उपाय है.

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