Animal Care Winter : सर्दियों में पशुओं को खुले में रखना पड़ सकता है भारी, इन बीमारियों का खतरा

सर्दियों का मौसम पशुओं के लिए कई तरह की स्वास्थ्य चुनौतियां लेकर आता है. ठंडी हवा और नमी से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे निमोनिया, डायरिया और खुरपका-मुंहपका जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है. समय पर देखभाल, सुरक्षित बाड़ा और सही आहार अपनाकर पशुओं को इन समस्याओं से बचाया जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 4 Jan, 2026 | 01:24 PM

Animal Care Winter : जैसे ही सर्दियों का मौसम शुरू होता है, वैसे ही पशुपालकों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. ठंडी हवा, नमी और गिरता तापमान पशुओं की सेहत पर सीधा असर डालता है. अगर इस मौसम में थोड़ी भी लापरवाही हो जाए, तो पशु बीमार पड़ सकते हैं और दूध उत्पादन भी तेजी से घट सकता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्दियों में पशुओं को खुले में रखना खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इस समय निमोनिया, डायरिया और खुरपकामुंहपका जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

ठंड में क्यों कमजोर पड़ जाती है पशुओं की सेहत

मीडिया रिपोर्ट्स बताती हैं कि ठंडी हवा और नमी  के कारण सर्दियों में पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है. खुले में रहने से उन्हें सर्दी-खांसी, जुकाम और सांस से जुड़ी परेशानियां होने लगती हैं. शुरुआत में यह परेशानी हल्की लगती है, लेकिन समय पर ध्यान न दिया जाए तो यही समस्या गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है. छोटे बछड़े और कमजोर पशु इस मौसम में सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं.

निमोनिया और पाचन रोगों का बढ़ता खतरा

सर्दियों में पशुओं को सबसे अधिक खतरा निमोनिया  का रहता है. ठंडी हवा में रहने से खांसी, नाक से पानी आना और सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. इलाज में देरी होने पर यह बीमारी जानलेवा भी हो सकती है. इसके साथ ही ठंड के मौसम में पाचन संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. पशु कम पानी पीते हैं और हरा चारा कम मिलने से कब्ज, गैस, अपच और डायरिया जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं. कई बार पशु खाना तक छोड़ देते हैं.

संक्रामक रोगों से भी बना रहता है खतरा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सर्दियों में खुरपकामुंहपका  जैसी संक्रामक बीमारी का खतरा भी बना रहता है. इस बीमारी में पशुओं के मुंह और खुरों में छाले पड़ जाते हैं, जिससे वे ठीक से खापी नहीं पाते. दूध देने वाले पशुओं में इसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है. समय पर टीकाकरण न होने पर यह बीमारी तेजी से फैल सकती है और पूरे बाड़े को चपेट में ले सकती है.

सर्दियों में पशुओं को ऐसे रखें सुरक्षित

पशुओं को सर्दियों की बीमारियों से बचाने  के लिए कुछ जरूरी सावधानियां अपनाना बेहद जरूरी है. पशुओं को ठंडी हवा और नमी से बचाकर रखें और उनके बाड़े को साफ व सूखा रखें. फर्श पर पुआल या सूखी घास बिछाएं ताकि ठंड न लगे. रात में बोरी या टाट से ढकाव करें. संतुलित आहार दें और गुनगुना पानी पिलाएं. साथ ही समयसमय पर टीकाकरण कराना भी जरूरी है. अगर सर्दियों में पशुओं की सही देखभाल की जाए, तो वे न सिर्फ बीमारियों से बचे रहेंगे, बल्कि उनकी सेहत और दूध उत्पादन भी बेहतर बना रहेगा.

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