PM Kisan: बिहार के दरभंगा जिले के किसानों के लिए बड़ी खबर है. अगर वे फार्मर रजिस्ट्रेशन नहीं करवाते हैं, तो प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (PM-Kisan) सहित अन्य सरकारी स्कीमों से वंचित रह सकते हैं. क्योंकि केंद्र सरकार किसान हित में चल रही योजनाओं को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए फार्मर रजिस्ट्रेशन पर जोर दे रही है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और कृषि क्रेडिट कार्ड (KCC) जैसी योजनाओं का लाभ सीधे और समय पर किसानों तक पहुंचे, इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री जरूरी मानी जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, रजिस्ट्रेशन न होने पर सही किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में दिक्कत आती है. हालांकि, अभी तक केंद्र सरकार की ओर से पीएम किसान की 22वीं किस्त जारी करने को लेकर तारीखों का ऐलान नहीं किया गया है.
बिहार के दरभंगा में जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में बीते दिनों जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा की गई. डीएम ने सभी संबंधित अधिकारियों को फार्मर रजिस्ट्रेशन अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए और माह के अंत तक 85 हजार से अधिक रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य तय किया. उन्होंने यह भी कहा कि जिले के सभी पात्र किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत अन्य योजनाओं का 100 प्रतिशत लाभ दिलाया जाए.
फार्मर रजिस्ट्री करवाने के फायदे
दरअसल, फार्मर रजिस्ट्री कराने से किसानों को कई फायदे मिलते हैं. उन्हें पीएम किसान की किस्तें नियमित रूप से मिलती हैं और केसीसी के जरिए कम ब्याज पर ऋण लेना आसान हो जाता है, जिससे खेती के लिए जरूरी पूंजी मिलती है. डिजिटल रजिस्ट्रेशन से किसानों का डेटा सुरक्षित रहता है और फर्जी लाभार्थियों पर भी रोक लगती है. सरकार ने सभी किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर रजिस्ट्री पूरी कर लें, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके. अधिकारियों का कहना है कि रजिस्ट्रेशन होने से किसानों की जानकारी अपडेट रहती है, जिससे योजनाओं में पारदर्शिता और तेजी आती है और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती है.
क्या है पीएम किसान योजना के मायने
बता दें कि पीएम-किसान योजना दुनिया की सबसे बड़ी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं में से एक है. शुरू होने के बाद से अब तक 11 करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल चुका है. सरकार सीधे नकद सहायता देकर छोटे किसानों की साहूकारों या अनौपचारिक कर्ज पर निर्भरता कम करना चाहती है. कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर किस्त मिलने से किसान बीज, खाद और कीटनाशक जैसे जरूरी सामान खरीद पाते हैं, जिससे खेती मजबूत होती है, खाद्य सुरक्षा बढ़ती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सहारा मिलता है. यह योजना कृषि क्षेत्र को समर्थन देने की दिशा में सरकार की अहम पहल बनी हुई है.