30 नवंबर से पहले करा लें फार्मर रजिस्ट्रेशन, जनसेवा केंद्र से भी बनवा सकते हैं फार्मर आईडी, ये 4 डॉक्यूमेंट लगेंगे

अगर फार्मर आईडी नहीं होगी तो पीएम किसान सम्मान निधि पाने की लिस्ट से किसान का नाम कट सकता है. क्योंकि, 1 अप्रैल से फार्मर आईडी होना आवश्यक कर दिया गया है. हर जिले में तहसील स्तर पर फार्मर आईडी बनाने के लिए 30 नवंबर तक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है. 

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 21 Nov, 2025 | 12:10 PM

उत्तर प्रदेश सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से किसानों की फार्मर आईडी होना जरूरी कर दिया है, अगर फार्मर आईडी नहीं होगी तो पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त से नाम कट जाएगा. पूरे राज्य में हर जिले में तहसील स्तर पर फार्मर आईडी बनाने के लिए 30 नवंबर तक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जा रही है.  ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फार्मर आईडी बनवाने के लिए 30 नवंबर से पहले रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें. हालांकि, किसानों को जनसेवा केंद्रों के जरिए भी फार्मर आईडी बनवाने के लिए रजिस्ट्रेशन का विकल्प दिया गया है.

जिलों को फार्मर आईडी के रजिस्ट्रेशन तेज करने के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार किसानों की फार्मर आईडी बनाने के लिए राज्य में 16 अक्टूबर से फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान चलाया जा रहा है. सीतापुर जिले में सबसे ज्यादा 74 फीसदी किसानों का फार्मर आईडी के लिए पंजीकरण पूरा हो चुका है. इसके साथ ही बस्ती जिले में 74 फीसदी किसानों के रजिस्ट्रेशन हो चुके हैं. जबकि, रामपुर जिले में 70 फीसदी किसानों की रजिस्ट्री हो गई है. अन्य जिलों को भी बचे 9 दिनों में 100 फीसदी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं.

50 लाख से अधिक किसानों के रजिस्ट्रेशन होना बाकी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर फार्मर आईडी (Farmer ID ) बनाने का अभियान मिशन मोड में चलाया जा रहा है. राज्य स्तर पर अब तक लगभग 54 फीसदी किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जिससे करीब 1.5 करोड़ किसान लाभान्वित हो रहे हैं. हालांकि, राज्य के 50 लाख से अधिक किसानों का अभी भी फार्मर आईडी के लिए रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है. यूपी लगभग हर दिन 4000 किसानों की फार्मर रिजिस्ट्री के लिए पंजीकरण किए जा रहे हैं. सरकार का लक्ष्य है कि नवंबर अंत तक प्रदेश के सभी पात्र किसानों का पंजीकरण और सत्यापन पूर्ण हो जाए, ताकि कोई भी किसान अगली पीएम किसान सम्मान निधि  की किस्त से वंचित न रह जाए.

फार्मर रजिस्ट्री क्यों जरूरी है

फार्मर रजिस्ट्री इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे असली किसानों की सही पहचान हो जाती है और सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचता है. यह पंजीकरण किसानों की जमीन, फसल और खेती से जुड़े सटीक डेटा को उपलब्ध कराता है, जिससे योजनाएं और नीतियां अधिक प्रभावी तरीके से लागू की जा सकती हैं. रजिस्ट्री से फर्जीवाड़ा रुकता है और सब्सिडी, PM-Kisan, फसल बीमा जैसी सुविधाएं सीधे किसान के बैंक खाते में पहुंचती हैं. साथ ही MSP खरीद, फसल नुकसान राहत और कृषि ऋण जैसी सेवाएं भी तेज, पारदर्शी और आसान हो जाती हैं.

फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए डॉक्यूमेंट कौन से लगेंगे

किसान फार्मर आईडी बनवाने के लिए अपने नजदीकी जनसेवा केंद्र से भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इसके लिए उन्हें केवल 4 डॉक्यूमेंट की जरूरत होगी.

  1. आधार कार्ड
  2. भूमि से संबंधित खाता-खतौनी या दूसरे डॉक्यूमेंट
  3. मोबाइल नंबर
  4. पासपोर्ट साइज की फोटो

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