अमेरिकी डील पर किसानों का अल्टीमेटम, वीएम सिंह बोले- कृषि को बर्बाद करने वाला समझौता हुआ तो किसान चुप नहीं बैठेगा

राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने भारत अमेरिका के बीच होने वाले कृषि व्यापारिक समझौते से होने वाले नुकसान की किसानों को जानकारी दी. उन्होंने सरकार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इंडो अमेरिका समझौते पर हस्ताक्षर किए गए तो किसान चुप नहीं बैठेगा और देश को बचाने के लिए सब कुछ करेगा.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 16 Feb, 2026 | 07:26 PM

भारत अमेरिका समझौते को लेकर किसानों में नाराजगी है. राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन की महापंचायत में किसानों ने ऐलान किया कि अगर सरकार अमेरिकी समझौते पर हस्ताक्षर करती है तो बड़े स्तर पर संघर्ष होगा. संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कहा कि कृषि को बर्बाद करने वाला समझौता हुआ तो किसान चुप नहीं बैठेगा, वह खुद को और देश को बचाने के लिए कुछ भी करेगा. इसलिए सरकार सोच-समझकर कोई भी समझौता करे. किसानों ने कहा कि कृषि पर मनमानी तरीके से समझौता किया जा रहा है, किसानों से सलाह-मशविरा तक नहीं किया गया है.

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में कस्बा गागलहेड़ी में राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने कस्बे के किसानों के साथ पंचायत की. उन्होंने भारत अमेरिका के बीच होने वाले कृषि व्यापारिक समझौते से होने वाले नुकसान की किसानों को जानकारी दी. उन्होंने सरकार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इंडो अमेरिका समझौते पर हस्ताक्षर किए गए तो किसान चुप नहीं बैठेगा और देश को बचाने के लिए सब कुछ करेगा.

किसानों ने पीएम मोदी के नाम चिट्ठी भेजी

किसान मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार वीएम सिंह ने किसानों को बताया की इंडो अमेरिका डील होने का कुछ ही समय बाकी है. 16 फरवरी को किसानों के हितों को रखते हुए प्रधानमंत्री को हर जिले से ज्ञापन भेजे गये हैं. हमारा उद्देश्य केवल किसानों को बचाना है. उन्होंने कहा कि देश के किसानों की खेती और दूध एवं दूध पदार्थों के साथ कभी भी समझौता नहीं करेंगे. उस आश्वासन के एक साल बाद अमरीका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का द्वीट आया कि अब भारत ने रूस से तेल लेने से मना कर दिया है तो अब ट्रेड डील का रास्ता खुल गया है. भारत से अमेरिका निर्यात होने वाली वस्तुओं पर 25% टैरिफ के बदले 18% टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया गया और 25% दंड भी हटा दिए जाने की बात कही गई.

87 फीसदी छोटे किसान पशुपालन पर निर्भर, उन्हें बर्बाद न करें

देश के किसानों को तब झटका लगा जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वीट के फौरन बाद, अमरीका की कृषि सचिव, ब्रुक रोलिंस जो भारत के कृषि मंत्री के बराबर है उनका बयान आया कि इंडिया अमरीका डील के हस्ताक्षर के बाद अमरीका के किसानों और पशु पालकों को बहुत फायदा होगा.  प्रधानमंत्री महोदय आपकी और आपके मंत्रियों की ओर से कहा जा रहा है कि देश के किसानों एवं पशु पालकों के हितों का बलिदान नहीं देंगे और ट्रेड डील में शामिल नहीं होंगे. डील दो देशों के बीच में होनी है तो अमरीका के कृषि सचिव की बात को नजर अंदाज नहीं कर सकते, जब हमारे देश के 87% सीमांत किसान है जो पशु पालन पर जीविका के लिए निर्भर है.

पानी के दाम से सस्ता दूध बिक रहा

आज भी हमारे देश में बहुत जगह पानी के दाम से सस्ता दूध बिकता है और अगर भारत में पाउडर मिल्क आ गया तो हमारे देश का किसान एवं मजदूर तो बिल्कुल बर्बाद हो जाएगा. उन्होंने किसानों/ किसान संगठनों से आह्वान करते हुए कहा कि जब यह मार्च के आखिरी सप्ताह में इंडो-अमेरिका डील पर हस्ताक्षर किए जाने हैं तो अगर अमेरिका कृषि व पशु पालन को सम्मिलित करना चाहता है तो आपसे अनुरोध है कि किसानों को बर्बाद करने वाले समझौते/डील पर आप हस्ताक्षर न करें.

सरकार को चेताया- देश को बचाने के लिए किसान सबकुछ करने को तैयार

सरदार वीएम सिंह ने सरकार को सीधी चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसान और पशु पालकों को इस ट्रेड डील से बाहर न रखा गया तो इस कृषि प्रधान देश के किसान ईस्ट इंडिया कंपनी वाले हालात फिर से पैदा नहीं होने देगा, देश को बचाने के लिए सब कुछ करने के लिए तैयार रहेंगे.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

कच्चे आम का खट्टापन किस कारण होता है?