Ramzan 2026: 18 या 19 फरवरी? कब से शुरू होगा रमजान, जानें सहरी-इफ्तार का समय

Ramzan 2026 Date: रमजान 2026 चांद दिखने के आधार पर 18 या 19 फरवरी से शुरू हो सकता है. यह इस्लाम का पाक महीना है, जिसमें मुसलमान 29 या 30 दिन तक रोजा रखते हैं. इस दौरान इबादत, दान और आत्मसंयम पर विशेष जोर दिया जाता है. रमजान का समापन ईद-उल-फितर के साथ होता है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 16 Feb, 2026 | 07:12 PM

Ramadan 2026: इस्लाम धर्म का पवित्र महीना रमजान साल 2026 (Ramadan 2026) में चांद दिखने के आधार पर 18 या 19 फरवरी से शुरू हो सकता है. इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है, इसलिए रमजान की तारीख हर साल बदल जाती है. अलग-अलग देशों में चांद अलग दिन दिख सकता है, इसलिए शुरुआत की तारीख में थोड़ा फर्क हो सकता है.

चंद्र साल, सौर साल से करीब 11 दिन छोटा होता है. इसी कारण रमजान हर साल अंग्रेजी कैलेंडर में 10-12 दिन पहले आ जाता है. यही वजह है कि साल 2030 में रमजान दो बार पड़ेगा, एक बार साल की शुरुआत में और दूसरी बार आखिर में.

रमजान कितने दिन का होता है?

रमजान इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है. यह 29 या 30 दिनों का होता है, जो चांद दिखने पर तय होता है. इस महीने में मुसलमान रोजा रखते हैं. रोजे में सुबह सूरज निकलने से पहले सहरी की जाती है और फिर सूरज ढलने तक कुछ भी खाया-पिया नहीं जाता.

दुनिया के अलग-अलग देशों में दिन-रात की लंबाई अलग होती है, इसलिए रोजे का समय भी बदलता रहता है. आमतौर पर रोजा 12 से 15 घंटे का होता है. भारत में शुरुआत में रोजा लगभग सुबह 5:30 बजे से शाम 6:15 बजे तक रह सकता है. महीने के अंत तक यह समय थोड़ा बढ़ सकता है.

रमजान का इतिहास

इस्लामी मान्यता के अनुसार, साल 610 ईस्वी में इसी महीने में पवित्र कुरान की पहली आयतें पैगंबर मुहम्मद पर उतरी थीं. उस समय वे मक्का के पास हिरा की गुफा में इबादत कर रहे थे. बाद में रोजा इस्लाम के पांच जरूरी स्तंभों में शामिल किया गया. हर सक्षम मुसलमान के लिए रोजा रखना जरूरी माना गया.

रमजान के दौरान लोग ज्यादा नमाज पढ़ते हैं, कुरान पढ़ते हैं और जरूरतमंदों की मदद करते हैं. यह महीना हमें दूसरों के दुख को समझने और भाईचारे को बढ़ाने की सीख देता है.

सहरी और इफ्तार

रोजा रखने वाले लोग सुबह जल्दी उठकर सहरी करते हैं. फिर पूरे दिन रोजा रखते हैं और शाम को सूर्यास्त के बाद इफ्तार करके रोजा खोलते हैं. मस्जिदों में खास नमाज (तरावीह) पढ़ी जाती है. कई जगह लोग मिलकर सामूहिक इफ्तार करते हैं. कुछ देशों में रमजान के दौरान खास सजावट और परंपराएं भी देखने को मिलती हैं.

रमजान खत्म होने पर ईद-उल-फितर मनाई जाती है. यह खुशी का त्योहार होता है. इस दिन लोग नमाज पढ़ते हैं, नए कपड़े पहनते हैं और एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते हैं.

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Published: 16 Feb, 2026 | 07:12 PM

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