गुजरात के 33 लाख से अधिक किसानों को फसल मुआवजा के रूप में मिले 9610 करोड़, PM किसान के कितने लाभार्थी

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि अब तक 19 लाख से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती  की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और इनमें से 8 लाख से ज्यादा किसान प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं. राज्यभर में 7,100 मॉडल फार्म स्थापित किए गए हैं और डांग जिले को पूरी तरह रसायन मुक्त घोषित किया गया है.

Kisan India
नोएडा | Published: 16 Feb, 2026 | 06:27 PM

Gujarat News: गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा है कि राज्य सरकार ने पिछले साल बेमौसम बारिश से प्रभावित 33 लाख से ज्यादा किसानों को विशेष कृषि राहत पैकेज के तहत 9,610 करोड़ रुपये की सहायता राशि दी है. बजट सत्र के पहले दिन विधानसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार अब टेक्नोलॉजी आधारित प्रशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है और कृषि क्षेत्र में कई अहम पहल की गई हैं.

उन्होंने बताया कि केंद्र की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत गुजरात के 69 लाख से अधिक किसान परिवारों  के बैंक खातों में सीधे 22,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि जमा कराई गई है. राज्यपाल ने यह भी कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने Gujarat Natural Farming Development Board की स्थापना की है और रसायन मुक्त खेती को प्रोत्साहित करने के लिए दुनिया का पहला प्राकृतिक कृषि विश्वविद्यालय भी शुरू किया है.

19 लाख से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती को मिलेगी ट्रेनिंग

न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने कहा कि अब तक 19 लाख से अधिक किसानों को प्राकृतिक खेती  की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा चुका है और इनमें से 8 लाख से ज्यादा किसान प्राकृतिक खेती अपना चुके हैं. राज्यभर में 7,100 मॉडल फार्म स्थापित किए गए हैं और डांग जिले को पूरी तरह रसायन मुक्त घोषित किया गया है. उन्होंने कहा कि प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित कई पहल की गई हैं. गवर्नेंस परफॉर्मेंस इंडेक्स लागू करने के लिए मुख्यमंत्री डैशबोर्ड शुरू किया गया है. वहीं I-ORA और GARVI-2.0 जैसे पोर्टल के जरिए जमीन से जुड़ी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे लोगों को सरल, तेज और पारदर्शी सेवाएं मिल रही हैं.

सरकारी भर्ती को लेकर क्या बोले राज्यपाल

राज्यपाल ने यह भी कहा कि ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सरकारी सेवाएं आसानी से पहुंचाने के लिए नए जिलों और तालुकों का गठन कर प्रशासनिक विकेंद्रीकरण को प्राथमिकता दी गई है. राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने रोजगार के मुद्दे पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को नौकरी  देने के लिए प्रतिबद्ध है. पिछले एक साल में ही 30,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं. दो लाख से ज्यादा पदों को चरणबद्ध तरीके से भरने के लिए 10 साल का भर्ती कैलेंडर भी तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि ‘गुजरात कर्मयोगी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना’ के तहत सरकारी कर्मचारियों को 10 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जा रही है.

 

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