गन्ना की मजबूत फसल से चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन, गन्ना किसानों के पेमेंट के लिए सरकार एमएसपी बढ़ाएगी?   

इस्मा के अनुसार चीनी उत्पादन 225.06 लाख टन पहुंच गया है, जो पिछले साल साल की तुलना में 22 लाख टन अधिक है. इस्मा ने कहा है कि पेराई सीजन मजबूती से आगे बढ़ रहा है और मौसम अनुकूल रहने से गन्ना पैदावार भी अच्छी हुई है, जिससे बिना रुकावट सप्लाई पक्की हो रही है. अभी उत्पादन और बढ़ने का अनुमान है.

रिजवान नूर खान
नोएडा | Published: 16 Feb, 2026 | 08:36 PM

गन्ना की अच्छी पैदावार से चीनी उत्पादन नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है. उत्तर प्रदेश का चीनी उत्पादन 3 फीसदी बढ़ गया है. वहीं, महाराष्ट्र और कर्नाटक में भी चीनी उत्पादन में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. हालांकि, गन्ना किसानों को समय पर भुगतान के लिए चीनी इंडस्ट्री ने सरकार से चीनी का एमएसपी यानी न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की अपील की है. वहीं, केंद्रीय भंडार में मौजूदा चीनी स्टॉक तय लिमिट से ज्यादा बना हुआ है और मजबूत चीनी उत्पादन की आगे भी संभावनाएं बनी हुई हैं. ऐसे में केंद्र सरकार ने 5 लाख टन चीनी निर्यात को भी मंजूरी दी है.

चीनी इंडस्ट्री के शीर्ष निकाय भारतीय चीनी एवं जैव-ऊर्जा निर्माता संघ (इस्मा) ने 15 फरवरी 2026 तक चीनी उत्पादन आंकड़े जारी किए हैं. इस्मा के अनुसार चीनी उत्पादन 225.06 लाख टन पहुंच गया है, जो पिछले साल साल की तुलना में 22 लाख टन अधिक है. इस्मा ने कहा है कि पेराई सीजन मजबूती से आगे बढ़ रहा है और मौसम अनुकूल रहने से गन्ना पैदावार भी अच्छी हुई है, जिससे बिना रुकावट सप्लाई पक्की हो रही है.

देश का कुल चीनी उत्पादन 225 लाख टन के पार हुआ

इस्मा ने कहा है कि मौजूदा 2025-26 सीजन में चीनी का कुल प्रोडक्शन 225.06 लाख टन पहुंच गया है. जबकि, पिछले साल इसी तारीख को 197.35 लाख टन चीनी का प्रोडक्शन दर्ज किया गया था. इस्मा ने कहा है कि इस साल देशभर में कुल चालू पेराई फैक्ट्रियों की संख्या 456 दर्ज की गई है. जबकि पिछले साल इसी तारीख को 460 पेराई कारखाने चल रही थी. कम पेराई कारखाने चलने के बावजूद चीनी उत्पादन में बढ़त दर्ज की जा रही है.

यूपी में कम पेराई कारखाने चलने के बाद भी 3 फीसदी प्रोडक्शन उछला

इस्मा ने राज्य में चीनी उत्पादन आंकड़े जारी करते हुए बताया है कि उत्तर प्रदेश ने चीनी उत्पादन में 3 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई है. अब तक यूपी में 66.27 लाख टन चीनी का प्रोडक्शन किया है, जो पिछले साल फरवरी के बीच तक 2.23 लाख टन ज्यादा है. इस्मा ने कहा कि राज्य में अभी 111 पेराई कारखाने चल रहे हैं, जबकि पिछले साल इसी समय 119 मिलें चल रही थीं.

महाराष्ट्र और कर्नाटक में चीनी उत्पादन बढ़ा

महाराष्ट्र में चीनी का कुल प्रोडक्शन 89.72 लाख टन और कर्नाटक में राज्यों 40.65 लाख टन तक पहुंच गया है, जो पिछले साल फरवरी के बीच तक इन राज्यों में हुए 68.22 लाख टन और 35.80 लाख टन प्रोडक्शन से ज्यादा है. दोनों राज्यों में अब तक कुल मिलाकर लगभग 55 फैक्ट्रियां बंद हो चुकी हैं, जबकि पिछले साल इसी समय में 58 फैक्ट्रियां बंद हुई थीं.

शुगर प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ी पर एमएसपी नहीं बढ़ने से मुश्किल में मिलर्स

इस्मा ने कहा कि जैसे-जैसे शुगर सीजन आगे बढ़ रहा है और चीनी स्टॉक बढ़ता जा रहा है. इंडस्ट्री को उम्मीद है कि चीनी के मिनिमम सेलिंग प्राइस (MSP) में जल्द ही बढ़ोतरी होगी. प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ने और मिल से होने वाली कमाई के हिसाब से न होने से इस बढ़ते अंतर ने मिलों पर कैश फ्लो का दबाव बढ़ा दिया है, जिससे गन्ने के पेमेंट के बकाए में बढ़ोतरी हो रही है. मौजूदा कॉस्ट स्ट्रक्चर के हिसाब से MSP में समय पर बढ़ोतरी से मिलों को किसानों का बकाया जल्दी चुकाने में मदद मिलेगी. ऐसे में सरकार से अपील की गई है कि 2019 से नहीं बढ़ाए गए एमएसपी को अब बढ़ा दिया जाए.

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