आम के पेड़ों पर करें बस ये छोटा सा काम, घर की दो चीजों से भागेगा हर कीड़ा और कीट!

आम की फसल को कीटों और दीमक से बचाना अब बहुत आसान हो गया है. घर में रखे चूने और नील के इस्तेमाल से आप अपने पेड़ के चारों तरफ एक सुरक्षा कवच बना सकते हैं. यह देसी तरीका न केवल सस्ता है बल्कि वैज्ञानिक रूप से असरदार भी है. बस तने की पुताई करें और पाएं कीड़ा-मुक्त फल.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 24 Jan, 2026 | 10:00 PM

Mango Tree Care : गर्मियों का सीजन आने वाला है और आम के पेड़ों पर बौर (फूल) आने की तैयारी शुरू हो चुकी है. लेकिन, आम के शौकीनों के लिए सबसे बड़ी चिंता होती है वे छोटे-छोटे कीट, जो चुपके से पेड़ की जड़ों के रास्ते ऊपर चढ़ते हैं और पूरी फसल बर्बाद कर देते हैं. अगर आप भी अपने बगीचे के आम के पेड़ों को लेकर फिक्रमंद हैं, तो बाजार से महंगी दवाइयां लाने की जरूरत नहीं है. आपके घर में ही दो ऐसी जादुई चीजें मौजूद हैं, जो आपके पेड़ों के लिए बॉडीगार्ड का काम करेंगी. बस एक ब्रश उठाइए और पेड़ों की जड़ों का कायाकल्प कर दीजिए!

माली का नुस्खा: चूना और नील का तड़का

अक्सर हम देखते हैं कि सड़कों के किनारे लगे पेड़ों के निचले हिस्से  सफेद रंग से रंगे होते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? मशहूर माली सोनल कुमार बताते हैं कि यह कोई सजावट नहीं, बल्कि पेड़ों की उम्र बढ़ाने का एक अचूक तरीका है. वे सलाह देते हैं कि अगर आम के पेड़ की जड़ से लेकर तने तक तीन फीट ऊपर तक चूने और नील का घोल बनाकर पुताई कर दी जाए, तो पेड़ों की उम्र और सेहत दोनों बढ़ जाती है. यह एक ऐसा देसी फॉर्मूला है जिसे बड़े-बड़े बागवान सदियों से आजमाते आ रहे हैं.

कैसे काम करता है यह सुरक्षा कवच?

चूना (Lime) अपनी क्षारीय प्रकृति के कारण फंगस और दीमकों  को जड़ से दूर रखता है. वहीं, जब इसमें नील मिला दिया जाता है, तो यह एक तगड़ा कीटनाशक बन जाता है. आम के पेड़ों में अक्सर ‘मीली बग जैसे कीट जड़ के रास्ते ऊपर चढ़कर टहनियों को नुकसान पहुंचाते हैं. लेकिन जब तने पर चूने और नील की मोटी परत चढ़ी होती है, तो कीटों के लिए उस पर चढ़ना नामुमकिन हो जाता है. यह परत एक फिजिकल बैरियर की तरह काम करती है जिससे कीट आसपास फटकने की हिम्मत भी नहीं करते.

पुताई का सही तरीका और 3 फीट का गणित

इस नुस्खे को आजमाना बहुत आसान है. सबसे पहले थोड़ा बुझा हुआ चूना लें और उसमें पानी मिलाकर गाढ़ा घोल तैयार करें. अब इसमें कपड़ों में डालने वाला थोड़ा सा नील मिला दें ताकि घोल का रंग हल्का नीला और सफेद हो जाए. अब पेड़ की जड़ से लेकर ऊपर तने तक कम से कम 3 फीट की ऊंचाई तक अच्छी तरह पेंट कर दें. ध्यान रहे कि तने के हर कोने और दरार में यह घोल पहुंचना चाहिए, क्योंकि अक्सर कीट तने की दरारों में ही अपना घर बनाते हैं.

कम खर्च में बंपर पैदावार की गारंटी

बाजार में मिलने वाले पेस्टिसाइड्स न केवल महंगे होते हैं, बल्कि वे पेड़ों और फलों की शुद्धता  पर भी असर डाल सकते हैं. इसके उलट, चूना और नील पूरी तरह सुरक्षित और बेहद सस्ते हैं. इस तरीके से पेड़ों की छाल सुरक्षित रहती है और सीधी तेज धूप से भी तना नहीं फटता. जब पेड़ जड़ से मजबूत और बीमारियों से मुक्त होगा, तो जाहिर है कि आने वाले सीजन में फलों की पैदावार भी रिकॉर्ड तोड़ होगी. तो देर किस बात की, इस संडे अपने बगीचे के आम के पेड़ों को यह नया कवच पहनाएं.

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Published: 24 Jan, 2026 | 10:00 PM

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