गायों की आइंस्टाइन वेरोनिका..पहली बार गाय ने दिखाया औजार चलाने का कमाल, वैज्ञानिक रह गए हैरान!

ऑस्ट्रिया की एक पालतू गाय वेरोनिका ने ऐसा काम किया है, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी चौंक गए हैं. उसने औजार को समझदारी से इस्तेमाल किया और साबित कर दिया कि गायें भी समझदार हो सकती हैं. यह खोज जानवरों की बुद्धिमत्ता को देखने का नजरिया बदल सकती है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 24 Jan, 2026 | 07:30 PM

Animal Intelligence: हम अक्सर गाय को एक सीधा-सादा जानवर मानते हैं कि जो बस चारा खाती है, दूध देती है और दिनभर आराम करती है. लेकिन ऑस्ट्रिया की एक पालतू गाय वेरोनिका ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है. वेरोनिका ने ऐसा काम कर दिखाया है, जिसे देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए.

उसने एक औजार को समझदारी से, जरूरत के हिसाब से इस्तेमाल किया. यही वजह है कि अब उसे गायों की आइंस्टाइन कहा जा रहा है. यह पहली बार है जब किसी गाय में फ्लेक्सिबल टूल यूज यानी एक ही उपकरण को अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल करने की क्षमता वैज्ञानिक रूप से दर्ज की गई है.

कौन है वेरोनिका और कहां रहती है

वेरोनिका स्विस ब्राउन (Swiss Brown) नस्ल की 13 साल की गाय है. वह ऑस्ट्रिया के छोटे से शहर Nötsch im Gailtal में रहती है. उसका मालिक एक ऑर्गेनिक किसान विटगर विगेले है, जो उसे पालतू जानवर  की तरह रखता है. वेरोनिका खुले माहौल में घूमती है, इंसानों से घुलती-मिलती है और अपने मालिक से उसका खास लगाव है. बताया जाता है कि वह कारों की आवाज सुनकर पहचान लेती है और समझ जाती है कि उसका मालिक आ रहा है. हालांकि भारत में भी कई जगह ऐसी चीजें देखने को मिलती है.

कैसे शुरू हुआ ये अनोखा व्यवहार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कुछ साल पहले वेरोनिका को कीड़ों के काटने से खुजली होने लगी. शुरू में वह लकड़ी की टहनियों से खुद को खुजलाने लगी. धीरे-धीरे उसने आसपास पड़ी चीजों का इस्तेमाल सीख लिया. एक दिन उसने डेक ब्रश (झाड़ू जैसा ब्रश) को उठाया और उससे शरीर खुजलाना शुरू किया. यहीं से वैज्ञानिकों की दिलचस्पी बढ़ी.

वेरोनिका ने टूल का इस्तेमाल कैसे किया

  • सबसे हैरान करने वाली बात यही है. वेरोनिका ब्रश को सिर्फ एक ही तरह से नहीं इस्तेमाल करती.
  • वह ब्रश के बालों वाले हिस्से से अपनी पीठ, कमर और मोटी त्वचा वाले हिस्सों को रगड़ती है.
  • वहीं चिकने हैंडल वाले हिस्से से पेट और थन जैसे नाजुक हिस्सों को धीरे-धीरे खुजलाती है.

वह तय करती है कि कहां ज्यादा जोर लगाना है और कहां हल्का. वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह कोई रैंडम हरकत नहीं, बल्कि सोच-समझकर किया गया व्यवहार है.

वैज्ञानिकों ने क्या कहा

वियना यूनिवर्सिटी ऑफ वेटरनरी मेडिसिन की वैज्ञानिक एलिस ऑयर्सपेर्ग और उनके साथी एंटोनियो ओसुना-मास्कारो ने इस व्यवहार का अध्ययन किया. उन्होंने वेरोनिका के 76 से ज्यादा मामलों को रिकॉर्ड किया और पाया कि हर बार वह हालात के हिसाब से ब्रश का सिरा बदलती है. यह रिसर्च 19 जनवरी 2026 को जर्नल वर्तमान जीव विज्ञान में प्रकाशित हुई. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह व्यवहार चिंपैंजी जैसे बुद्धिमान जानवरों में देखा जाता है, गायों में नहीं.

पशुपालन और सोच पर क्या असर पड़ेगा

यह खोज सिर्फ एक गाय की कहानी  नहीं है. यह हमारे पशुपालन और जानवरों को समझने के नजरिए को बदल सकती है. वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर गायों को खुला माहौल, खेलने और सीखने की आजादी मिले, तो वे अपनी बुद्धिमत्ता दिखा सकती हैं. वेरोनिका ने यह साबित कर दिया है कि गायें सिर्फ पालतू जानवर नहीं, बल्कि समझदार जीव भी हो सकती हैं.

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Published: 24 Jan, 2026 | 07:30 PM

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