Poultry Farming: पोल्ट्री फार्मिंग आज किसानों और युवाओं के लिए कमाई का अच्छा जरिया बन चुकी है. कम समय में अच्छा मुनाफा मिलने की वजह से कई लोग मुर्गी पालन शुरू कर रहे हैं. लेकिन कई बार छोटी-सी लापरवाही भी बड़े नुकसान की वजह बन जाती है. मुर्गियों में फैलने वाली एक खतरनाक बीमारी Gumboro Disease, जिसे Infectious Bursal Disease या IBD भी कहा जाता है, तेजी से फार्म को नुकसान पहुंचा सकती है. पशु चिकित्सक कुंवर घनश्याम (KVK Noida) के अनुसार अगर इस बीमारी को समय रहते पहचान लिया जाए और कुछ जरूरी सावधानियां अपनाई जाएं तो मुर्गियों को बड़े खतरे से बचाया जा सकता है.
गंबोरो रोग क्या है और क्यों खतरनाक है
गंबोरो एक संक्रामक बीमारी है जो खासतौर पर छोटी उम्र की मुर्गियों और चूजों को जल्दी प्रभावित करती है. यह बीमारी मुर्गियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देती है, जिससे उनका शरीर अन्य बीमारियों के प्रति भी जल्दी संवेदनशील हो जाता है. इस बीमारी का असर मुख्य रूप से मुर्गियों के पाचन तंत्र और शरीर के उस हिस्से पर पड़ता है जो उनकी प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. अगर फार्म में एक मुर्गी भी संक्रमित हो जाए तो यह बीमारी बहुत तेजी से दूसरी मुर्गियों में फैल सकती है. इसी वजह से पोल्ट्री विशेषज्ञ इसे मुर्गियों के लिए “साइलेंट किलर” भी कहते हैं, क्योंकि कई बार यह बीमारी अचानक फैलती है और देखते-ही-देखते पूरे फार्म को नुकसान पहुंचा देती है.
मुर्गियों में दिखने वाले शुरुआती लक्षण
इस बीमारी की पहचान समय पर करना बहुत जरूरी है. अगर मुर्गियों में कुछ खास लक्षण दिखने लगें तो तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए. गंबोरो से संक्रमित मुर्गियां अक्सर सुस्त और कमजोर दिखाई देती हैं. उनमें भूख कम हो जाती है और वे कम चलती-फिरती हैं. कई बार मुर्गियों में सफेद या चूने जैसे रंग का पतला दस्त भी देखने को मिलता है. इसके अलावा मुर्गियों की पूंछ के आसपास सूजन दिखाई देना भी इस बीमारी का एक बड़ा संकेत माना जाता है. कुछ मामलों में मुर्गियां बार-बार अपनी पूंछ को चोंच से खुजलाती हैं और शरीर में हल्का कंपन भी दिखाई दे सकता है.
लापरवाही से बढ़ सकता है बड़ा नुकसान
पोल्ट्री फार्म में अगर साफ-सफाई और सही प्रबंधन का ध्यान नहीं रखा जाए तो गंबोरो जैसी बीमारियां तेजी से फैल सकती हैं. कई बार किसान शुरू में लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं और यही लापरवाही आगे चलकर भारी नुकसान का कारण बनती है. जब बीमारी फैलती है तो मुर्गियों की मृत्यु दर बढ़ जाती है और उत्पादन पर भी बुरा असर पड़ता है. इससे पोल्ट्री फार्म चलाने वाले लोगों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है. इसलिए विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी को रोकना इलाज से कहीं बेहतर और सस्ता तरीका है.
टीकाकरण और साफ-सफाई सबसे जरूरी
गंबोरो जैसी बीमारी से बचाव के लिए सबसे जरूरी है समय पर टीकाकरण और फार्म की साफ-सफाई. नियमित टीकाकरण से मुर्गियों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है और बीमारी का खतरा काफी कम हो जाता है. इसके साथ-साथ पोल्ट्री शेड को हमेशा साफ और सूखा रखना चाहिए. समय-समय पर कीटाणुशोधन करना भी जरूरी है ताकि संक्रमण फैलने की संभावना कम हो सके. अगर फार्म में किसी मुर्गी में बीमारी के लक्षण दिखें तो उसे बाकी मुर्गियों से अलग रखना बेहतर होता है, ताकि संक्रमण तेजी से न फैले.
फार्म में बाहरी संक्रमण से भी रहें सावधान
कई बार बीमारी बाहर से भी फार्म में आ सकती है. इसलिए पोल्ट्री फार्म में अनजान लोगों की आवाजाही सीमित रखनी चाहिए. फार्म के अंदर जाने से पहले जूते-चप्पल बाहर रखना और साफ-सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी होता है. मुर्गियों को दिया जाने वाला दाना और पानी भी साफ और सुरक्षित होना चाहिए. इन छोटी-छोटी सावधानियों से भी कई तरह की बीमारियों को फार्म तक पहुंचने से रोका जा सकता है.
समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी
अगर मुर्गियों में बीमारी के लक्षण दिखें तो देर करने के बजाय तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार दवा, टीकाकरण और देखभाल करने से नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. पोल्ट्री फार्म में नियमित निगरानी, सही प्रबंधन और साफ-सफाई से मुर्गियों को स्वस्थ रखा जा सकता है. अगर किसान इन बातों का ध्यान रखें तो गंबोरो जैसी खतरनाक बीमारी से अपने फार्म को सुरक्षित रख सकते हैं और पोल्ट्री व्यवसाय से लगातार अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.