Goat Farming: बकरी पालन करने वाले किसानों के लिए एक छोटी सी लापरवाही भी बड़ा नुकसान कर सकती है. इसी को ध्यान में रखते हुए बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने बकरियों के सही पोषण और देखभाल को लेकर जरूरी सलाह दी है. विभाग का कहना है कि अगर किसान कुछ आसान बातों का ध्यान रखें, तो बकरियों की सेहत अच्छी रहेगी और उनकी आय भी बढ़ेगी.
बकरियों को अलग चराना क्यों है जरूरी
बिहार सरकार के पशुपालन निदेशालय के अनुसार, बकरियों को गाय और भैंसों के साथ नहीं चराना चाहिए. ऐसा करने से बकरियों में बीमारी फैलने का खतरा बढ़ जाता है. बकरियां नाजुक होती हैं और उनका शरीर अन्य पशुओं की तुलना में जल्दी संक्रमण पकड़ लेता है. इसलिए उन्हें अलग जगह पर चराना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. इससे उनकी सेहत अच्छी रहती है और उत्पादन पर भी अच्छा असर पड़ता है.
दाने को सही समय पर खिलाना बेहद जरूरी
विभाग ने यह भी सलाह दी है कि बकरियों को चराने से पहले और बाद में दाने की सही मात्रा देना जरूरी है. किसानों को चाहिए कि वे बकरियों को छोड़ने से पहले आधा दाना खिलाएं और जब बकरियां वापस आ जाएं, तब बाकी आधा दाना दें. इससे बकरियों को पूरे दिन ऊर्जा मिलती रहती है और उनका पाचन भी सही रहता है. अगर यह तरीका अपनाया जाए, तो बकरियों की सेहत मजबूत रहती है और उनका वजन भी संतुलित रहता है.
बारिश में सूखा चारा देना फायदेमंद
बरसात के मौसम में बकरियों की देखभाल और भी जरूरी हो जाती है. इस दौरान हरा चारा गीला होता है, जिससे बीमारी का खतरा (Animal Health) बढ़ जाता है. इसलिए विभाग ने सलाह दी है कि बारिश के दिनों में बकरियों को सूखा चारा जरूर दिया जाए. प्रति बकरी 400 से 500 ग्राम सूखा चारा देना सही माना गया है. सूखा चारा देने से बकरियों का पाचन तंत्र सही रहता है और उन्हें बीमारियों से बचाव मिलता है.
सही देखभाल से बढ़ेगी आमदनी
बिहार सरकार का कहना है कि अगर किसान इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें, तो बकरी पालन ज्यादा लाभदायक बन सकता है. स्वस्थ बकरियां ज्यादा दूध देती हैं और उनका वजन भी अच्छा रहता है, जिससे बाजार में अच्छी कीमत मिलती है. बकरी पालन आज ग्रामीण क्षेत्रों में आय का एक बड़ा साधन बनता जा रहा है. ऐसे में सही पोषण और देखभाल अपनाकर किसान अपनी कमाई को बढ़ा सकते हैं और नुकसान से बच सकते हैं. इस तरह विभाग की ये आसान सलाह किसानों के लिए बहुत काम की साबित हो सकती है. अगर इन बातों को अपनाया जाए, तो बकरी पालन न सिर्फ आसान होगा, बल्कि ज्यादा फायदेमंद भी बन सकता है.