Fisheries Department: मछली खाने के शौकीन लोगों के लिए अब अच्छी खबर है. अक्सर लोगों को ताजी मछली खरीदने के लिए दूर मछली बाजार या मंडी तक जाना पड़ता है. कई बार वहां भी मनपसंद मछली नहीं मिल पाती या ताजगी को लेकर भरोसा नहीं रहता. लेकिन अब इस परेशानी से राहत मिलने वाली है.
बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने लोगों को ताजी मछली उपलब्ध कराने और मछली पालकों को बेहतर बाजार देने के लिए नई पहल शुरू की है. इसके तहत शहरों में फ्रेश कैच आउटलेट खोले जाएंगे, जहां लोग सीधे ताजी मछली खरीद सकेंगे. इससे एक तरफ ग्राहकों को सुविधा मिलेगी तो दूसरी तरफ मछली पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए नया बाजार भी मिल जाएगा.
शहर में खुलेंगे आधुनिक फ्रेश कैच आउटलेट
मत्स्य विभाग की योजना के अनुसार, नगर क्षेत्र में आधुनिक फिश आउटलेट खोले जाएंगे. इन आउटलेट को फ्रेश कैच बिहार ब्रांड के नाम से शुरू किया जाएगा. यहां ग्राहकों को ताजी और साफ मछलियां उपलब्ध कराई जाएंगी. बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अनुसार इन आउटलेट का उद्देश्य लोगों को आसानी से ताजी मछली उपलब्ध कराना है. अब लोगों को मछली खरीदने के लिए भीड़भाड़ वाले बाजारों में जाने की जरूरत नहीं होगी. वे अपने आसपास बने आउटलेट से ही अपनी पसंद की मछली खरीद सकेंगे. इन आउटलेट में आधुनिक सुविधाएं भी होंगी, जिससे मछलियों को लंबे समय तक ताजा रखा जा सकेगा. इससे ग्राहकों को बेहतर गुणवत्ता की मछली मिल पाएगी.
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15×15 फीट जमीन पर बनेगा आउटलेट
मत्स्य विभाग के अनुसार एक फिश आउटलेट खोलने के लिए करीब 15 फीट लंबी और 15 फीट चौड़ी जगह की जरूरत होगी. यानी करीब 225 वर्ग फीट जमीन में यह आउटलेट आसानी से बनाया जा सकता है. इस जमीन के लिए नगर निगम और नगर परिषद से अनापत्ति प्रमाण पत्र यानी एनओसी मांगी गई है. जैसे ही जमीन की मंजूरी मिलती है, उसके बाद आउटलेट बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. इन आउटलेट को प्री-फ्रेबिकेटेड यानी पहले से तैयार ढांचे में बनाया जाएगा. इसमें मछली रखने के लिए खास डिस्प्ले यूनिट और आइस बॉक्स लगाए जाएंगे, ताकि मछलियां ज्यादा समय तक ताजा बनी रहें.

नए फिश आउटलेट से मछली पालकों को मिलेगा बेहतर बाजार.
मछली पालकों को मिलेगा नया बाजार
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा मछली पालकों को मिलने वाला है. अभी ज्यादातर मछली पालक अपनी मछली आढ़त या थोक बाजार में बेचते हैं. वहां कई बार उन्हें उचित कीमत नहीं मिल पाती. बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग का मानना है कि जब नए आउटलेट शुरू होंगे तो मछली पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए एक और बाजार मिल जाएगा. इससे उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना भी बढ़ेगी. जब बाजार बढ़ता है तो उत्पादन भी बढ़ता है. इससे मछली पालन करने वाले लोगों की आय में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
देसी मछलियों की उपलब्धता भी बढ़ेगी
फिश आउटलेट का एक बड़ा उद्देश्य यह भी है कि लोगों को देसी मछलियां आसानी से मिल सकें. कई जगहों पर देसी मछलियां मिलना मुश्किल हो जाता है, जबकि उनकी मांग काफी ज्यादा होती है. इन आउटलेट के जरिए स्थानीय तालाबों और नदियों में पाली गई मछलियों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचाया जा सकेगा. इससे लोगों को ताजी और स्थानीय मछलियां आसानी से मिल सकेंगी. यह पहल स्थानीय मछली उत्पादन को बढ़ावा देने में भी मदद करेगी. जब मछली पालकों को अच्छा बाजार मिलेगा तो वे मछली पालन के काम को और बढ़ाने के लिए प्रेरित होंगे.

बिहार डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग
लोगों को सुविधा और किसानों को बढ़ेगी आमदनी
मत्स्य विभाग की यह पहल लोगों और मछली पालकों दोनों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है. एक तरफ लोगों को अपने आसपास ही ताजी मछली मिल जाएगी, वहीं दूसरी तरफ मछली पालकों को अपनी उपज बेचने के लिए नया और बेहतर मंच मिलेगा. बिहार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग का मानना है कि इस तरह की योजनाएं मछली पालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगी. आने वाले समय में अगर ऐसे आउटलेट ज्यादा जगहों पर खुलते हैं तो मछली पालन का कारोबार और तेजी से बढ़ सकता है. इससे मछली पालकों की आय बढ़ेगी और लोगों को भी बेहतर और ताजा भोजन आसानी से मिल सकेगा.