आम के सीजन की शुरुआत हो गई है. कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में आम मार्केट में पहुंच गए हैं. खरीदार जमकर आम की खरीदारी कर रहे हैं. वहीं, उत्तर भारत के राज्यों में अप्रैल-मई से आम की मंडियां सजने लगेंगी. साथ ही आम की होम डिलीवरी भी शुरू हो जाएगी. लेकिन क्या आपको मालू है कि अब आम के शौकीन लोगों को खरीदी के लिए मार्केट नहीं जाना होगा, बल्कि वे किसान की तरह अपने पेड़ से आम तोड़कर खा सकते हैं. क्योंकि देश की एक नई एग्रीटेक कंपनी उपभोक्ताओं को किराए पर आम का पेड़ उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है. यानी अब आम के शौकीन लोग अपने पसंदीता आम के पेड़ को एक सीजन के लिए किराए पर ले सकते हैं. इस दौरान पेड़ पर लगे सारे फल उनके होंगे. बस इसके लिए उन्हें पेड़ का किराया चुकाना होगा.
दरअसल, कंपनी के संस्थापक एक मैकेनिकल इंजीनियर हैं और उनका नाम उमेश दामोदरन है. वे इंजीनियर से उद्यमी बने हैं. उमेश दामोदरन ने मनी कंट्रोल से कहा कि ‘Rent A Tree’ जरिए ग्राहक एक फसल के लिए आम के पेड़ को किराए पर ले सकते हैं. यानी पेड़ को रेंट पर लेने के बाद वे एक तरह के आम के मालिक हो गए. पूरी पैदावार अब उनकी होगी, जबकि कंपनी आम की खेती और देखभाल करती है.
देश में आम का कितना है उत्पादन
भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है, जो वैश्विक आपूर्ति का 45 फीसदी से अधिक प्रोडक्शन देता है. यहां सालाना 200 से 220 लाख टन आम की पैदावार होती है. यहां लगभग 1,000 अलग-अलग आम की किस्में हैं. इसके बावजूद शहरों में ताजा आम आसानी से उपलब्ध नहीं होते. यही वजह है कि दामोदरन ने इस स्टार्टअप के जरिए इस कमी को दूर करने की कोशिश की है.
साल 2023 में शुरू किया बिजनेस
दामोदरन का कहना है कि इस स्टार्टअप की औपचारिक शुरुआत 2023 में हुई. उन्होंने यह डिंडीगुल में पांच एकड़ के एक आम के बाग को किराए पर लिया. इसका पहला फसल चक्र 2024 में हुआ. पहले साल ही दामोदरन को बंपर मुनाफा हुआ. ऐसे में एक साल के भीतर ही उन्होंने आम की खेती का रकबा बढ़ा दिया. अब कंपनी महाराष्ट्र के रत्नागिरी, तमिलनाडु के डिंडीगुल और केरल के पलक्कड़ में लगभग 250 एकड़ में फैले आम के बागानों का प्रबंधन कर रही है.
ग्राहक चाहें तो खुद आम तोड़ सकते हैं
ग्राहक ऑनलाइन सिस्टम के जरिए अपने लिए पेड़ चुन सकते हैं. हर किराए पर लिया गया पेड़ एक ग्राहक को पूरे सीजन के लिए रिजर्व किया जाता है और उसकी पूरी पैदावार उसी के लिए होती है. कंपनी के मालिक का कहना है कि हमने स्वस्थ पेड़ों को ऑनलाइन लिस्ट करना शुरू किया, ताकि कोई भी व्यक्ति एक पेड़ पूरे सीजन के लिए किराए पर ले सके और उसकी पूरी फसल उसका हो. हम ताजा, पेड़ पर पकने वाले आम का वादा करते हैं. बड़े बागानों के आम 70 से 75 फीसदी पकने पर तोड़े जाते हैं और रासायनिक तरीके से पकाए जाते हैं, जबकि हम पूरी तरह पके आम तोड़ते हैं. हमारे ग्राहक चाहें तो खुद आम तोड़ सकते हैं, या हम उन्हें भारत में कहीं भी भेज सकते हैं.
बेसिक पैकेज एक सीजन के लिए 7,500 रुपये
कंपनी का बेसिक पैकेज एक सीजन के लिए 7,500 रुपये का है. यानी एक आम के पेड़ को रेंट पर लेने के लिए 7,500 रुपये खर्च करने पड़ेंगे. खास बात यह है कि एक पेड़ से कम से कम 30 किलो आम मिलने की गारंटी है. साथ ही बेहतरीन क्वालिटी की पैकेजिंग सुविधा भी उपलब्ध हैं. बड़ी बात यह है कि कंपनी मुफ्त डिलीवरी और नियमित अपडेट भी देती है, जिसमें किराए पर लिए गए पेड़ की वीडियो रिपोर्ट शामिल होती है. जो ग्राहक बाग में नहीं जा सकते, वे आम सीधे अपने पते पर मंगवा सकते हैं. दामोदरन के अनुसार, आम की कटाई आमतौर पर अप्रैल और मई के बीच 45 दिनों में होती है. फसल को कई चरणों में वितरित किया जाता है. उन्होंने कहा कि हम इस सीजन में 3- 4 ट्रांसेज की उम्मीद कर रहे हैं, और आम हर दो हफ्ते में ग्राहकों तक भेजे जाएंगे.