Animal Summer Care: तेज धूप से दुधारू गायों को बचाना जरूरी, जानिए बदलते मौसम में कैसे बढ़ेगा दूध

गर्मी के मौसम में तेज तापमान का असर गायों की सेहत और दूध उत्पादन पर पड़ सकता है. मंत्रालय ने सलाह दी है कि पशुओं को ताजा पानी, ठंडी छांव और हवादार शेड उपलब्ध कराएं. सही समय पर चराई और संतुलित आहार से हीट स्ट्रेस से बचाव किया जा सकता है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Updated On: 16 Mar, 2026 | 08:45 PM

Animal Summer Care: गर्मी का मौसम आते ही इंसानों के साथ-साथ पशुओं की परेशानी भी बढ़ जाती है. तेज धूप, लू और उमस का सीधा असर गायों की सेहत और उनके दूध उत्पादन पर पड़ता है. अगर समय रहते सही देखभाल न की जाए तो गायें बीमार पड़ सकती हैं और दूध भी कम हो सकता है. पशुपालन, मत्स्य व डेयरी मंत्रालय ने पशुपालकों को गर्मी के मौसम में खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. मंत्रालय का कहना है कि थोड़े से आसान उपाय अपनाकर गायों को स्वस्थ और आरामदायक रखा जा सकता है.

ताजा और पर्याप्त पानी है सबसे जरूरी

गर्मी में पानी ही सबसे बड़ा सहारा है. पशुपालन, मत्स्य व डेयरी मंत्रालय के अनुसार गायों के पास हमेशा साफ, ताजा और भरपूर पीने का पानी  होना चाहिए. पानी की टंकी या बर्तन को छांव में रखें ताकि पानी ज्यादा गर्म न हो. दिन में कई बार पानी बदलना फायदेमंद होता है. अगर पानी कम होगा तो गायों को डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे दूध उत्पादन घट सकता है. इसलिए यह ध्यान रखें कि कोई भी गाय प्यास से परेशान न हो.

दिन की धूप से बचाएं, रात में कराएं चराई

तेज धूप में गायों को खुली धूप में छोड़ना नुकसानदायक हो सकता है. मंत्रालय की सलाह है कि दिन के सबसे गर्म समय में गायों को छांव या शेड  में ही रखें. अगर संभव हो तो चराई सुबह जल्दी या रात के समय कराएं. खुले मैदान में भी पेड़ या टेंट की मदद से छांव की व्यवस्था करें. धूप में ज्यादा देर रहने से गायों को हीट स्ट्रेस हो सकता है, जिससे वे सुस्त हो जाती हैं और खाना कम खाती हैं.

शेड में रखें ठंडा और हवादार माहौल

गायों के रहने की जगह साफ, ठंडी और हवादार  होनी चाहिए. शेड में हवा का अच्छा प्रवाह जरूरी है. इसके लिए पंखे और वेंटिलेशन का इस्तेमाल किया जा सकता है. अगर शेड में गर्मी ज्यादा है तो छत पर पानी का छिड़काव करने से तापमान कम किया जा सकता है. मंत्रालय का कहना है कि शेड में एक साथ बहुत ज्यादा पशु न रखें, क्योंकि भीड़ से गर्मी और बढ़ जाती है. पर्याप्त जगह होने से गायें आराम से बैठ और उठ सकती हैं.

दुहाई से पहले लंबा इंतजार न कराएं

अक्सर दूध निकालने से पहले गायों को काफी देर तक खड़ा रखा जाता है, लेकिन गर्मी में ऐसा करना ठीक नहीं है. ज्यादा देर तक खड़े रहने से गायें थक जाती हैं और तनाव बढ़ता है. मंत्रालय की सलाह है कि दुहाई का समय तय रखें और गायों को लाइन में ज्यादा देर तक खड़ा न रखें. इससे उनका तनाव कम होगा और दूध उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा.

गर्मी में गायों का पाचन तंत्र  भी प्रभावित होता है. इसलिए उनके आहार में संतुलन जरूरी है. मंत्रालय के अनुसार आहार में बफर मिलाने पर विचार किया जा सकता है, ताकि पाचन संतुलित रहे और एसिडिटी की समस्या न हो. साफ और ताजा चारा दें. सड़ा या फफूंदी लगा चारा बिल्कुल न खिलाएं. मिनरल मिक्स और जरूरी पोषक तत्वों का सही मात्रा में इस्तेमाल करें. अगर कोई गाय सुस्त दिखे या खाना कम खाए तो तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करें.

थोड़ी सावधानी, बड़ा फायदा

कुल मिलाकर गर्मी के मौसम में गायों की देखभाल के लिए ज्यादा खर्च नहीं, बल्कि सही समझ और समय पर ध्यान की जरूरत है. साफ पानी, छांव, हवादार शेड और संतुलित आहार  जैसे आसान कदम गायों को हीट स्ट्रेस से बचा सकते हैं. पशुपालन, मत्स्य व डेयरी मंत्रालय का साफ संदेश है कि स्वस्थ गाय ही बेहतर दूध उत्पादन की गारंटी है. अगर पशुपालक इन बातों का ध्यान रखें तो गर्मी के बावजूद उनकी आमदनी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा. इसलिए इस मौसम में अपनी गायों को परिवार का हिस्सा समझें और उनकी खास देखभाल करें.

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Published: 16 Mar, 2026 | 05:22 PM
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