Summer Care: भीषण गर्मी में गाय-भैंस को बीमार होने से बचाएं, अपनाएं ये आसान देसी और सस्ते उपाय

गर्मी बढ़ते ही गाय-भैंस पर सीधा असर पड़ता है. सही शेड, ठंडा माहौल, साफ पानी और पौष्टिक चारा बेहद जरूरी है. थोड़ी सी लापरवाही से दूध उत्पादन घट सकता है. अगर पशुपालक समय रहते तैयारी कर लें तो भीषण गर्मी में भी पशु स्वस्थ रहेंगे और डेयरी का काम बिना नुकसान के चलता रहेगा.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 22 Feb, 2026 | 07:22 PM

Summer Care: जैसे ही गर्मी दस्तक देती है, इंसानों के साथ-साथ गाय-भैंस भी परेशान होने लगती हैं. तेज धूप, लू और बढ़ता तापमान दूध देने वाले पशुओं पर सीधा असर डालता है. अगर समय रहते तैयारी न की जाए तो पशु सुस्त पड़ जाते हैं, कम चारा खाते हैं और दूध भी घटने लगता है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है. थोड़ी सी समझदारी और सही देखभाल से भीषण गर्मी में भी पशु स्वस्थ रखे जा सकते हैं.

शेड खुला, हवादार और ठंडा होना जरूरी

गर्मी में सबसे पहले ध्यान देना चाहिए पशुशाला यानी शेड पर. अगर गाय-भैंस एक-दूसरे से सटकर खड़ी रहेंगी तो उनके शरीर की गर्मी और बढ़ेगी. इसलिए शेड में पर्याप्त जगह होनी चाहिए, ताकि पशु आराम से खड़े और बैठ सकें. शेड की छत ऊंची हो और हवा के आने-जाने का अच्छा इंतजाम हो. पंखे जरूर लगाएं. अगर संभव हो तो कूलर या फॉगिंग सिस्टम भी लगाया जा सकता है. यह हवा को ठंडा रखता है और पशुओं को राहत देता है. जमीन समतल और हल्की खुरदरी होनी चाहिए, ताकि फिसलन न हो. खासकर गर्भवती पशुओं  के लिए यह बहुत जरूरी है. शेड में पानी जमा न हो, इसके लिए निकासी की सही व्यवस्था रखें. कोशिश करें कि अंदर का तापमान बहुत ज्यादा न बढ़े. ज्यादा गर्मी हाईब्रिड नस्ल के पशुओं को जल्दी परेशान कर देती है.

देसी तरीके भी हैं कारगर

हर बार महंगे इंतजाम करना जरूरी नहीं होता. कुछ पारंपरिक उपाय भी काफी असरदार साबित होते हैं. जैसे शेड के चारों  ओर जूट के बोरे टांग दें और उन पर समय-समय पर पानी छिड़कते रहें. इससे अंदर आने वाली हवा ठंडी हो जाती है. अगर शेड के आसपास पेड़ हों तो और भी अच्छा है. पेड़ों की छाया से तापमान अपने-आप कम रहता है. दोपहर के समय शेड में सीधी धूप न पड़े, इसका भी ध्यान रखें. सुबह और शाम के समय ही ज्यादा गतिविधि रखें. गर्मी में पशुओं को आराम देना सबसे बड़ा उपाय है.

ताजा और साफ पानी सबसे जरूरी

गर्मी में पशु ज्यादा पानी  पीते हैं. इसलिए उन्हें बार-बार साफ और ताजा पानी देना बहुत जरूरी है. गंदा पानी कई बीमारियों की वजह बन सकता है. दिन में कई बार पानी की टंकी और बर्तनों की सफाई करें. पानी ठंडा और साफ होना चाहिए. अगर पशु को पर्याप्त पानी नहीं मिलेगा तो उसका दूध तुरंत कम हो सकता है. इसके साथ ही चारा रखने वाली नांद सही ऊंचाई पर हो. बहुत नीचे होने पर पशु को गर्दन ज्यादा झुकानी पड़ती है और बहुत ऊंची होने पर उसे परेशानी होती है. छोटी-छोटी बातें भी बड़े फर्क डालती हैं.

हरा चारा, कम भीड़ और शांत माहौल

गर्मी में हरा चारा जल्दी सूख जाता है, इसलिए ताजा और पौष्टिक चारा  समय पर दें. कोशिश करें कि दोपहर की तेज धूप में चारा न खिलाएं. सुबह और शाम का समय बेहतर रहता है. फार्म में ज्यादा भीड़ और शोर-शराबा भी पशुओं को तनाव देता है. अनावश्यक लोगों का आना-जाना कम रखें. साफ-सुथरा और शांत वातावरण पशुओं को सुकून देता है, जिससे दूध उत्पादन भी अच्छा रहता है.

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Published: 22 Feb, 2026 | 07:22 PM

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