-
मौसम बदला तो पशु भी खतरे में, खुरपका-मुंहपका से 80 फीसदी तक गिर सकता है दूध उत्पादन
मौसम बदलते ही पशुओं में खुरपका-मुंहपका जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है. यह रोग तेजी से फैलता है और पशु का दूध अचानक कम हो सकता है. समय पर पहचान और सही देखभाल न हो तो पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है.
-
ठंड में मुर्गियों की सही देखभाल जरूरी, इन उपायों को अपनाकर कम पूंजी में मोटा मुनाफा बनाएं
सर्दियों में मुर्गी पालन कम पूंजी और कम जगह में शुरू होने वाला लाभकारी व्यवसाय है. अंडे और चिकन की बढ़ती मांग से आमदनी बढ़ती है. सही देखभाल न हो तो नुकसान भी हो सकता है. सही जानकारी, साफ-सफाई और गर्माहट से यह काम सुरक्षित और फायदेमंद बनता है.
-
डेयरी किसानों की चमकेगी किस्मत, सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक से 90 फीसदी पैदा होंगी दुधारू बछिया
बिहार सरकार के पशुपालन निदेशालय ने डेयरी किसानों के लिए सेक्स सॉर्टेड सीमेन तकनीक पेश की है. इस जैविक तकनीक के जरिए अब पशुपालक अपनी इच्छा के अनुसार केवल बछिया का जन्म सुनिश्चित कर सकेंगे. इससे न केवल दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि सड़कों पर आवारा घूमने वाले सांडों की संख्या में भी भारी कमी आएगी.
-
हैरान कर देगी ये तकनीक..बिना मिट्टी सिर्फ पानी से 7 दिन में तैयार करें चारे का ढेर, बचाएं पैसा
पशुपालन के क्षेत्र में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आई है. अब किसान बिना मिट्टी और नाममात्र पानी के साथ अपने घर के भीतर ही महज एक हफ्ते में पौष्टिक हरा चारा उगा सकते हैं. यह तकनीक न केवल चारे की लागत कम करती है, बल्कि पशुओं की दूध देने की क्षमता और स्वास्थ्य में भी जबरदस्त सुधार लाती है.
-
ब्राजील से आएगा हाई-टेक सीमन.. राजस्थान के पशुपालकों की चमकेगी किस्मत, अब खूंटे पर सिर्फ बछिया ही लेंगी जन्म!
राजस्थान सरकार दूध उत्पादन बढ़ाने और नर पशुओं की संख्या नियंत्रित करने के लिए ब्राजील से गिर नस्ल का हाई-टेक सीमन मंगा रही है. इस सेक्स-सॉर्टेड सीमन से 90 फीसदी बछिया पैदा होने की संभावना है. सरकार इसे रियायती दरों पर देगी, जिससे किसानों की आय बढ़ेगी और 40-50 लीटर प्रतिदिन दूध देने वाली गायें तैयार होंगी.
-
जब गाय ने बंद किया दूध, तो पुराने जमाने की इस तकनीक ने कर दिया कमाल, पढ़ें खबर
ग्रामीण भारत में आज भी पशुपालन से जुड़े अद्भुत देसी नुस्खे प्रचलित हैं. जब किसी गाय का बछड़ा मर जाता है, तो किसान इस चीज बछड़ा बनाकर गाय की ममता को जगाते हैं. यह मनोवैज्ञानिक तरीका न केवल पशु का तनाव कम करता है, बल्कि बिना किसी हानिकारक इंजेक्शन के दूध की धार भी वापस ले आता है.








