UP के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! डेयरी खोलें और पाएं 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, जानें कैसे उठाएं फायदा

Nand Baba Dairy Mission: उत्तर प्रदेश सरकार ने नंद बाबा दुग्ध मिशन (NBDM) के तहत डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए तीन प्रमुख योजनाएं शुरू की हैं. ये योजनाएं छोटे, मध्यम और बड़े पशुपालकों को स्वदेशी गायों की डेयरी परियोजनाओं, सब्सिडी और प्रशिक्षण के माध्यम से मुनाफा बढ़ाने का मौका देती हैं. किसानों को बेहतर नस्लों के चयन और सही देखभाल से आय बढ़ाने में मदद मिलती है.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 18 Mar, 2026 | 04:25 PM

Nand Baba Dairy Scheme Benefits: उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और राज्य में दुग्ध उत्पादन को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है. इसी दिशा में नंद बाबा दुग्ध मिशन (NBDM) के तहत कई योजनाओं की शुरुआत की गई है, जो किसानों को डेयरी व्यवसाय में निवेश और मुनाफा कमाने का अवसर प्रदान करती हैं. इन सरकारी योजनाओं की मदद से छोटे, मध्यम और बड़े पशुपालकों को अपने डेयरी व्यवसाय को बढ़ाने में मदद मिलती है. योजना में स्वदेशी गायों की सब्सिडी, प्रशिक्षण और तकनीकी सहायता शामिल है, जिससे दूध उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि होती है.

तीन प्रमुख योजनाएं: हर वर्ग के पशुपालक के लिए लाभकारी

उत्तर प्रदेश सरकार ने डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए तीन मुख्य योजनाएं लॉन्च की हैं, जो अलग-अलग निवेश क्षमता वाले किसानों के लिए उपयुक्त हैं.

नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

यह योजना बड़े स्तर पर डेयरी यूनिट स्थापित करने वाले किसानों के लिए है. इस योजना के तहत 25 स्वदेशी गायों की डेयरी परियोजना लगाई जा सकती है, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 62.5 लाख रुपये है. योजना के तहत सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करती है, जिससे बड़े निवेश वाले किसान कम लागत में व्यवसाय शुरू कर सकते हैं.

मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना

छोटे और मध्यम पशुपालकों के लिए यह योजना बेहद लाभकारी है. इसमें 10 गायों की डेयरी यूनिट स्थापित करने का प्रावधान है. इस परियोजना की कुल लागत लगभग 23.6 लाख रुपये है और किसान इसमें भी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं.

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना

यह योजना बहुत छोटे स्तर के किसानों के लिए है. इसमें 2 गायों की डेयरी परियोजना पर अधिकतम 80 हजार रुपये तक 40 प्रतिशत सब्सिडी उपलब्ध करवाई जाती है. इससे ग्रामीण गरीब और छोटे किसान भी डेयरी व्यवसाय में आसानी से निवेश कर सकते हैं और मुनाफा कमा सकते हैं.

गाय की किन नस्लों पर मिलेगा अनुदान?

इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ाना और किसानों की आय को स्थायी रूप से सशक्त बनाना है. इस योजना के तहत किसान स्वदेशी उन्नत नस्लों जैसे गिर, साहीवाल, हरियाणा और थारपारकर की गायों का चयन कर डेयरी यूनिट स्थापित कर सकते हैं. उच्च गुणवत्ता वाली नस्लों का पालन करने से न केवल दूध की मात्रा में वृद्धि होती है, बल्कि दूध की क्वालिटी भी बेहतर होती है, जिससे बाजार में इसकी मांग बढ़ती है. साथ ही, इस योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक प्रजनन तकनीक, उचित चारा और पशु स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं.

आवेदन कैसे करें?

आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर निर्धारित प्रारूप में किए जाएंगे. जब तक नंद बाबा दुग्ध मिशन का पोर्टल पूरी तरह ऑनलाइन नहीं होता, तब तक पशुपालक आवेदन ऑफलाइन मोड में कर सकते हैं. इसके लिए वे संबंधित जनपद के मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी या उप दुग्धशाला विकास अधिकारी के कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं. आवेदन रजिस्टर्ड डाक या सीधे जमा करना संभव है.

नंद बाबा दुग्ध मिशन की ये योजनाएं छोटे, मध्यम और बड़े स्तर के पशुपालकों के लिए सुनहरा अवसर हैं. बेहतर नस्ल, सही देखभाल और सरकारी सहयोग से किसान कम लागत में ज्यादा दूध उत्पादन कर सकते हैं.

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