सरकार का बड़ा फैसला, गेहूं-धान खरीद पर आढ़तियों का कमीशन बढ़ाया.. किसानों से उपज खरीद तेज होगी

Wheat Procurement Commission: केंद्र सरकार ने 2026-27 मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं और धान की सरकारी खरीद पर आढ़तियों और सहकारी समितियों का कमीशन बढ़ा दिया है. इस फैसले से खरीद प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है और किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होगी. विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ा हुआ कमीशन एजेंसियों को अधिक सक्रिय बनाएगा, जिससे सरकारी खरीद का दायरा बढ़ेगा और किसानों को समय पर सही मूल्य मिल सकेगा.

Isha Gupta
नोएडा | Updated On: 17 Mar, 2026 | 01:51 PM

Rabi Marketing Season: केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन (RMS) 2026-27 से पहले बड़ा फैसला लेते हुए धान और गेहूं की सरकारी खरीद में शामिल आढ़तियों और सहकारी समितियों के कमीशन में बढ़ोतरी का ऐलान किया है. सरकाक का ये फैसला खरीद प्रणाली को मजबूत करने और एजेंसियों को बेहतर प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से उठाया गया है. सरकार का मानना है कि इस फैसले से खरीद प्रक्रिया में तेजी आएगी और किसानों को उनकी फसल का भुगतान समय पर मिल सकेगा.

क्यों बढ़ाया गया कमीशन?

सरकार को काफी समय से अलग-अलग राज्यों की ओर से यह मांग मिल रही थी कि आढ़तियों और सहकारी समितियों के कमीशन में बढ़ोतरी की जाए. इस मांग को ध्यान में रखते हुए FCI, राज्य सरकारों और खाद्य विभाग के अधिकारियों की एक समिति बनाई गई. इस समिति ने मौजूदा कमीशन दरों की पूरी समीक्षा की और फिर नई दरें बढ़ाने की सिफारिश की.

सरकार का साफ उद्देश्य है कि फसल खरीद की पूरी प्रक्रिया को और बेहतर, पारदर्शी और तेज बनाया जाए. इससे न केवल आढ़तियों और समितियों को फायदा होगा, बल्कि किसानों को भी अपनी फसल बेचने में आसानी होगी और उन्हें समय पर सही दाम मिल सकेगा.

गेहूं और धान पर नया कमीशन

श्रेणी/राज्य फसल पुराना कमीशन (₹/क्विंटल) नया कमीशन (₹/क्विंटल)
पंजाब/हरियाणा (आढ़ती) गेहूं 46.00 50.75
राजस्थान (आढ़ती) गेहूं 41.40 45.67
आढ़ती (सामान्य) धान 45.88 50.61
सहकारी समितियां गेहूं 27.00 29.79
सहकारी समितियां धान 32.00 35.30

नोट: आधुनिक साइलो (भंडार) में खरीद पर मंडी दर का 50 प्रतिशत कमीशन लागू रहेगा.

किसानों को क्या मिलेगा फायदा?

इस फैसले का सीधा असर किसानों पर भी देखने को मिलेगा. जब आढ़तियों और समितियों को ज्यादा कमीशन मिलेगा, तो वे खरीद प्रक्रिया में ज्यादा सक्रिय होंगे.

इससे:

  • फसल की समय पर खरीद होगी
  • MSP पर बिक्री आसान होगी
  • भुगतान में देरी कम होगी
  • मंडियों में भीड़ और दबाव घटेगा

खरीद प्रणाली में आएगी तेजी

फिलहाल देशभर में रबी फसलों, खासकर गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो चुकी है और आने वाले कुछ हफ्तों में इसमें और तेजी आने की संभावना है. ऐसे समय में सरकार का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे खरीद प्रक्रिया और मजबूत होगी. जब आढ़तियों और समितियों को ज्यादा कमीशन मिलेगा, तो वे खरीदी में और सक्रियता से हिस्सा लेंगें. इसका सीधा असर यह होगा कि सरकारी खरीद का दायरा बढ़ेगा, फसल की खरीद तेज होगी और किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी के साथ बेहतर लाभ भी मिल सकेगा.

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केंद्र सरकार ने धान और गेहूं की सरकारी खरीद में शामिल आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी का ऐलान किया

क्या है सरकार का लक्ष्य?

सरकार ने साफ किया है कि यह संशोधन खरीद प्रणाली की दक्षता बनाए रखने और सहयोगी एजेंसियों को समर्थन देने के लिए किया गया है. इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य समय पर मिले और पूरी प्रक्रिया बिना किसी बाधा के चलती रहे.

आढ़तियों और सहकारी समितियों के कमीशन में बढ़ोतरी का यह फैसला कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है. इससे न केवल खरीद प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि किसानों को भी उनकी मेहनत का सही दाम समय पर मिल सकेगा.

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Published: 17 Mar, 2026 | 01:32 PM
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