नई तकनीक से मछली पालन में बढ़ेगी किसानों की कमाई, शिल्पी नेहा तिर्की ने देखी आधुनिक व्यवस्था

Fish Farming: झारखंड सरकार अब मछली पालन को आधुनिक तकनीक से जोड़कर किसानों की आमदनी बढ़ाने की तैयारी में जुटी है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने आधुनिक मछली फार्म का दौरा कर नई तकनीकों की जानकारी ली. सरकार किसानों को योजनाओं और प्रशिक्षण के जरिए मछली उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है.

Kisan India
रांची | Updated On: 9 May, 2026 | 10:47 AM

Jharkhand Agriculture: झारखंड में मछली पालन को लेकर नई उम्मीदें तेजी से बढ़ रही हैं. राज्य सरकार अब किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर मछली उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है. कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की (Shilpi Neha Tirkey) ने एक मछली फार्म का दौरा किया और आधुनिक तकनीकों की जानकारी ली. इस दौरान बायोफ्लॉक तकनीक, RAS सिस्टम और आधुनिक तालाब प्रबंधन जैसे तरीकों को करीब से समझा गया. सरकार का लक्ष्य है कि राज्य में मछली उत्पादन बढ़े और किसानों की आमदनी में सुधार हो.

मछली पालन में नई तकनीक का बढ़ता इस्तेमाल

आज के समय में मछली पालन सिर्फ पारंपरिक तरीकों  तक सीमित नहीं रहा है. अब इसमें नई और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है. बायोफ्लॉक तकनीक और RAS (रीसर्कुलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम) जैसे सिस्टम मछली पालन को आसान और अधिक लाभदायक बना रहे हैं. इन तकनीकों की खास बात ये है कि इसमें पानी की बर्बादी बहुत कम होती है और कम जगह में भी अधिक उत्पादन किया जा सकता है. ऑटोमेशन की मदद से मछलियों की देखभाल भी आसान हो जाती है. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भी इन तकनीकों को किसानों के लिए बहुत उपयोगी बताया.

आधुनिक फार्म का किया गया निरीक्षण

रांची के रातू इलाके में स्थित एक आधुनिक मछली फार्म  का निरीक्षण मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने किया. इस दौरान उन्होंने अलग-अलग तकनीकों से हो रहे मछली पालन को देखा और समझा. फार्म संचालक निशांत कुमार ने मंत्री को बायोफ्लॉक तकनीक और RAS टैंक सिस्टम के बारे में विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इन तकनीकों से मछलियों की ग्रोथ तेज होती है और बीमारियों का खतरा कम रहता है. मंत्री ने पारंपरिक तालाब और पी-लाइनर पोंड में हो रहे मछली पालन को भी देखा और उसकी उपयोगिता को समझा.

किसानों को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि झारखंड में मछली पालन की बहुत अधिक संभावनाएं हैं और इसे बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है. सरकार का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस क्षेत्र से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि किसानों को सरकारी योजनाओं  का पूरा लाभ दिलाया जाएगा ताकि वे आसानी से मछली पालन शुरू कर सकें. इसके साथ ही उन्हें आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. सरकार का मानना है कि अगर किसान सही तकनीक अपनाएं तो उनकी आमदनी में बड़ा सुधार हो सकता है.

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता झारखंड

झारखंड सरकार का लक्ष्य है कि राज्य मछली उत्पादन  में आत्मनिर्भर बने. इसके लिए आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है और किसानों को लगातार जागरूक किया जा रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, अगर पारंपरिक तरीकों के साथ नई तकनीक अपनाई जाए तो उत्पादन कई गुना बढ़ सकता है. इससे न केवल स्थानीय जरूरतें पूरी होंगी बल्कि दूसरे राज्यों में भी मछली की आपूर्ति संभव होगी. मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि मछली पालन को एक मजबूत रोजगार विकल्प के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे ग्रामीण युवाओं को भी रोजगार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी.

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Published: 9 May, 2026 | 10:32 AM
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