हैदराबाद में खुलेगा देश का पहला ट्रॉपिकल ट्राउट फार्म, मछली पालन की दुनिया में आएगी नई क्रांति

यह ट्राउट फार्म सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा. इसे एक लाइव ट्रेनिंग और डेमो सेंटर के रूप में भी विकसित किया गया है. यहां युवाओं को आधुनिक मछली पालन, ऑटोमेशन सिस्टम, बायो-सिक्योरिटी और वैज्ञानिक तरीकों से एक्वाकल्चर का प्रशिक्षण दिया जाएगा.

Kisan India
नई दिल्ली | Updated On: 5 Jan, 2026 | 09:08 AM

Trout farming: अब तक आपने ट्राउट मछली का नाम पहाड़ों, बर्फीले पानी और हिमालयी इलाकों से जोड़कर ही सुना होगा, लेकिन अब यह तस्वीर बदलने जा रही है. देश में पहली बार ट्रॉपिकल इलाके में व्यावसायिक स्तर पर ट्राउट मछली की खेती शुरू होने जा रही है. तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में 5 जनवरी को भारत के पहले कमर्शियल ट्रॉपिकल रेनबो ट्राउट फार्म और रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया जाएगा. यह परियोजना न सिर्फ मछली पालन के क्षेत्र में एक बड़ा प्रयोग है, बल्कि यह भी साबित करती है कि अब खेती और मत्स्य पालन में जलवायु से ज्यादा अहम भूमिका तकनीक निभाने लगी है.

तकनीक ने बदली ट्राउट फार्मिंग की परिभाषा

बिजनेस लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, यह अत्याधुनिक ट्राउट फार्म तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले के कंदुकुर मंडल में स्थापित किया गया है. खास बात यह है कि यहां ट्रॉपिकल यानी गर्म जलवायु में रेनबो ट्राउट जैसी ठंडे पानी की मछली को पाला जाएगा. इसके लिए पुनर्चक्रण जलपालन प्रणाली (RAS) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. इस तकनीक में पानी को बार-बार शुद्ध कर दोबारा उपयोग में लाया जाता है, जिससे तापमान, ऑक्सीजन और स्वच्छता पर पूरा नियंत्रण रहता है.

अब तक माना जाता था कि ट्राउट जैसी हाई-वैल्यू मछलियां सिर्फ ठंडे पहाड़ी इलाकों में ही संभव हैं, लेकिन हैदराबाद का यह प्रोजेक्ट इस सोच को पूरी तरह बदल देता है. यह दिखाता है कि अगर सही तकनीक और इंजीनियरिंग हो, तो जलवायु कोई बड़ी बाधा नहीं रह जाती.

युवाओं के लिए प्रशिक्षण और रोजगार का नया रास्ता

यह ट्राउट फार्म सिर्फ उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगा. इसे एक लाइव ट्रेनिंग और डेमो सेंटर के रूप में भी विकसित किया गया है. यहां युवाओं को आधुनिक मछली पालन, ऑटोमेशन सिस्टम, बायो-सिक्योरिटी और वैज्ञानिक तरीकों से एक्वाकल्चर का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे मत्स्य पालन को एक पारंपरिक काम से निकालकर एक प्रोफेशनल और टेक्नोलॉजी आधारित करियर विकल्प बनाया जा सकेगा.

ग्रामीण और शहरी युवाओं के लिए यह एक नया अवसर होगा, जहां वे कम जमीन और नियंत्रित संसाधनों के साथ हाई-इनकम मॉडल अपना सकेंगे.

मत्स्य पालन सेक्टर में बढ़ता सरकारी निवेश

पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर सेक्टर को तेजी से बढ़ावा दिया है. साल 2015 के बाद से अब तक इस क्षेत्र में करीब 38 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश को मंजूरी दी जा चुकी है. इसका असर यह हुआ है कि मछली पालन अब सिर्फ जीविका का साधन नहीं, बल्कि एक उभरता हुआ बिजनेस बनता जा रहा है.

ठंडे पानी की मछलियों की मांग देश और विदेश दोनों बाजारों में तेजी से बढ़ रही है. ट्राउट जैसी प्रीमियम मछलियों को होटल, रेस्टोरेंट और एक्सपोर्ट मार्केट में ऊंचे दाम मिलते हैं. ऐसे में ट्रॉपिकल इलाकों में ट्राउट फार्मिंग की शुरुआत पूरे देश के लिए नए रास्ते खोल सकती है.

पहाड़ी राज्यों से आगे बढ़ रहा ट्राउट उत्पादन

अब तक ट्राउट पालन मुख्य रूप से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम जैसे पहाड़ी राज्यों तक सीमित था. यहां बर्फ से निकलने वाली नदियों और झरनों के ठंडे, ऑक्सीजन से भरपूर पानी में ट्राउट पाली जाती थी. सरकारी प्रयासों से इन राज्यों में ट्राउट हैचरी विकसित की गईं, जिससे हर साल लाखों ट्राउट बीज का उत्पादन संभव हो पाया.

नई तकनीकों और हैचरी नेटवर्क के चलते ट्राउट उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और स्थानीय स्तर पर रोजगार भी पैदा हो रहा है. अब हैदराबाद जैसे शहर में ट्रॉपिकल ट्राउट फार्म खुलने से यह साफ हो गया है कि आने वाले समय में ट्राउट पालन सिर्फ पहाड़ों तक सीमित नहीं रहेगा.

एक्वाकल्चर का भविष्य बदलने की तैयारी

हैदराबाद का यह ट्रॉपिकल ट्राउट फार्म इस बात का संकेत है कि भारत में एक्वाकल्चर तेजी से टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सेक्टर बन रहा है. अब मछली पालन मौसम या इलाके पर निर्भर नहीं रहेगा, बल्कि आधुनिक सिस्टम, वैज्ञानिक सोच और बाजार की मांग के अनुसार आगे बढ़ेगा.

अगर यह मॉडल सफल होता है, तो आने वाले समय में देश के कई गर्म इलाकों में भी ट्राउट और दूसरी हाई-वैल्यू मछलियों की खेती शुरू हो सकती है. इससे किसानों, उद्यमियों और युवाओं को बेहतर आय के नए अवसर मिलेंगे और भारत वैश्विक मत्स्य बाजार में और मजबूत स्थिति बना सकेगा.

Get Latest   Farming Tips ,  Crop Updates ,  Government Schemes ,  Agri News ,  Market Rates ,  Weather Alerts ,  Equipment Reviews and  Organic Farming News  only on KisanIndia.in

Published: 5 Jan, 2026 | 09:04 AM

कीवी उत्पादन के मामले में देश का सबसे प्रमुख राज्य कौन सा है