Strawberry Farming: खेतों में जब छोटे-छोटे पौधों पर लाल-रसीली स्ट्रॉबेरी चमकती है, तो किसानों के चेहरे पर भी मुस्कान आ जाती है. अब कई किसान पारंपरिक फसलों की जगह स्ट्रॉबेरी की खेती अपना रहे हैं. वजह साफ है-कम समय में ज्यादा कमाई. लेकिन अच्छी पैदावार के लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, वरना फूल तो आएंगे, पर फल बनने में देरी हो सकती है.
पहली जरूरी बात-भरपूर धूप
स्ट्रॉबेरी के पौधों को रोजाना 6 से 8 घंटे की धूप मिलनी चाहिए. अगर खेत में ज्यादा छाया होगी तो पौधों का विकास धीमा पड़ जाता है. फूल आने के बाद भी फल सही से नहीं बन पाते. इसलिए स्ट्रॉबेरी की खेती ऐसी जगह करें जहां खुला और साफ वातावरण हो. धूप से पौधे मजबूत होते हैं और फल का रंग भी गहरा और आकर्षक बनता है. अच्छी धूप का मतलब है अच्छी पैदावार.
दूसरी जरूरी बात-सही सिंचाई
स्ट्रॉबेरी की खेती में पानी का संतुलन बहुत जरूरी है. ज्यादा पानी देने से जड़ सड़ सकती है और कम पानी से पौधे सूख सकते हैं. इसलिए हल्की और नियमित सिंचाई करें. ड्रिप सिस्टम का इस्तेमाल सबसे बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे पानी सीधे जड़ों तक पहुंचता है और पानी की बर्बादी भी नहीं होती. मिट्टी में नमी बनी रहती है और पौधे तेजी से बढ़ते हैं. खासकर फूल आने के समय पानी की मात्रा पर खास ध्यान देना चाहिए.
तीसरी जरूरी बात-मिट्टी का पोषण
अच्छी फसल के लिए मिट्टी का उपजाऊ होना जरूरी है. फूल आने के समय जैविक खाद जैसे वर्मी कम्पोस्ट और जीवामृत का इस्तेमाल करना फायदेमंद रहता है. इससे पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और फल बनने की प्रक्रिया तेज हो जाती है. इसके साथ ही सूक्ष्म पोषक तत्वों का हल्का छिड़काव करने से फल जल्दी और स्वस्थ निकलते हैं. खेत को खरपतवार यानी घास-फूस से मुक्त रखना भी जरूरी है. अगर खेत में ज्यादा घास होगी तो पौधों को पूरा पोषण नहीं मिल पाएगा. इसके अलावा मधुमक्खियों को खेत के आसपास बढ़ावा देना भी फायदेमंद है. मधुमक्खियां फूलों का परागण करती हैं, जिससे फल जल्दी और अच्छी क्वालिटी के बनते हैं.
कम समय में अच्छा मुनाफा
स्ट्रॉबेरी एक नकदी फसल है, यानी बाजार में इसकी अच्छी कीमत मिलती है. सही देखभाल और तकनीक अपनाने से किसान कम समय में बेहतर कमाई कर सकते हैं. बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है, इसलिए बिक्री की चिंता भी कम रहती है. अगर किसान धूप, पानी और पोषण– इन तीन बातों का ध्यान रखें, तो खेत लाल-रसीले फलों से भर सकते हैं. यही तीन आसान नियम स्ट्रॉबेरी की खेती को फायदे का सौदा बनाते हैं. अब खेती सिर्फ मेहनत का काम नहीं, समझदारी का भी काम है. सही जानकारी और सही तरीके से स्ट्रॉबेरी की खेती किसानों की आमदनी को नई ऊंचाई दे सकती है.