मोहन यादव सरकार का बड़ा गेम प्लान.. एक साथ कई फैसले, अब प्रदेश में क्या बदलने वाला है जानिए

मध्यप्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कुछ ऐसे बड़े फैसले लिए गए हैं, जिनका असर सीधे किसानों और आम लोगों पर पड़ने वाला है. कई अहम योजनाओं को मंजूरी मिली है, लेकिन असली फायदा क्या होगा और किन लोगों को मिलेगा आइए जानतें हैं.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 19 Mar, 2026 | 12:05 PM

MP Cabinet Decision: मध्यप्रदेश में विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने कई अहम फैसले लिए हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में ऐसे निर्णय लिए गए हैं, जिनका सीधा लाभ किसानों, आम जनता और प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा. इस बार सरकार ने संतुलित विकास पर जोर देते हुए खेती, सड़क, सिंचाई और प्रशासन जैसे सभी प्रमुख क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है. इन फैसलों से न केवल विकास कार्यों में तेजी आएगी, बल्कि लोगों को बेहतर सुविधाएं भी मिलेंगी और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

पशुपालन विभाग का नाम बदला

मध्यप्रदेश सरकार ने बड़ा बदलाव करते हुए पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम बदलकर गौपालन एवं पशुपालन विभाग कर दिया है. इसके साथ ही संबंधित संचालनालय का नाम भी अब गौपालन एवं पशुपालन संचालनालय कर दिया गया है. इस फैसले का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में गौपालन को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है. सरकार का मानना है कि इससे पशुपालकों को नई योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिलेगा. इसके साथ ही, गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और किसानों की आय में भी सुधार देखने को मिल सकता है.

गेहूं पर मिलेगा बोनस

किसानों के हित में सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है. रबी सीजन 2026-27 में समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदे जाने वाले गेहूं पर अब 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जाएगा. इस फैसले से किसानों की आय  में सीधा इजाफा होगा और उन्हें अपनी मेहनत का बेहतर दाम मिल सकेगा. खास बात यह है कि यह बोनस राशि सीधे सरकारी योजना के तहत किसानों के खाते में पहुंचाई जाएगी. इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को समय पर भुगतान मिलेगा, जिससे उन्हें आर्थिक राहत और खेती के लिए मजबूती मिलेगी.

रीवा में सिंचाई परियोजना से खेती होगी आसान

मध्यप्रदेश के रीवा जिले के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है. सरकार ने पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना  को मंजूरी दे दी है, जिस पर 228 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे. इस योजना के तहत करीब 7350 हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे 37 गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा. पानी की बेहतर उपलब्धता से फसलों की पैदावार बढ़ेगी और किसानों को कम मेहनत में ज्यादा उत्पादन मिलेगा. यह परियोजना क्षेत्र में खेती को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी.

मुख्य फैसलों का आसान चार्ट

क्षेत्र क्या फैसला हुआ कितना बजट
विभाग बदलाव पशुपालन का नाम बदलकर गौपालन एवं पशुपालन
किसान लाभ गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस
सड़क विकास PWD के विकास कार्य 4,525 करोड़ रुपये
उज्जैन प्रोजेक्ट 4 लेन और 2 लेन कॉरिडोर 945 करोड़ रुपये
सिंचाई योजना रीवा पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना 228 करोड़ रुपये
अन्य योजनाएं रोड व विकास योजनाओं की निरंतरता 50+ करोड़ रुपये

नियमों में बदलाव और अन्य बड़े फैसले

सरकार ने कार्य आवंटन नियमों में भी बदलाव किया है. अब भंडार और सेवा खरीद से जुड़े नियम वित्त विभाग के अंतर्गत आएंगे. इसके अलावा रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम और अन्य योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी करोड़ों रुपये मंजूर किए गए हैं. सरकार का कहना है कि इन फैसलों से काम में तेजी आएगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

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रमेश साहू, रायपुर, छत्तीसगढ़

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