ऊसर मिट्टी में भी गन्ने की बंपर पैदावार! इस खास किस्म से किसानों की आय में होगी जबरदस्त बढ़ोतरी

Ganne Ki Kheti: उत्तर प्रदेश में ऊसर और क्षारीय मिट्टी वाले क्षेत्रों में अब किसानों को गन्ने की पैदावार में कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. UP 14234 किस्म विशेष रूप से इन मिट्टियों के लिए विकसित की गई है. इसकी मजबूत जड़, चौड़ी पत्तियां और उत्कृष्ट जमाव क्षमता इसे विपरीत परिस्थितियों में भी टिकाऊ बनाती है. किसान इस किस्म को अपनाकर कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आय हासिल कर सकते हैं.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 7 Mar, 2026 | 05:30 PM

Sugarcane Farming Tips: उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मिट्टी क्षारीय या ऊसर होने के कारण गन्ने की फसल में किसान भारी नुकसान उठाते रहे हैं. गन्ने की अच्छी पैदावार के लिए सामान्यतः 6.5 से 7.5 pH आदर्श माना जाता है. लेकिन इससे अधिक pH वाली मिट्टी में या तो फसल नहीं होती या उत्पादन बहुत गिर जाता है. किसानों की इसी समस्या का समाधान अब उत्तर प्रदेश गन्ना शोध परिषद ने कर दिया है. उन्होंने ‘यूपी 14234’ नामक ऐसी खास किस्म विकसित की है, जो ऊसर भूमि में भी शानदार पैदावार देती है. इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी सुनिश्चित होगी.

‘यूपी 14234’ किस्म क्यों खास है

कृषि वैज्ञानिक डॉ. रजनीश मिश्रा (संयुक्त निदेशक, NHRDF) के अनुसार जिन क्षेत्रों में मिट्टी का pH 8 से 8.5 तक होता है, वहां सामान्य गन्ने की किस्में जीवित नहीं रह पातीं. ऐसे में ‘यूपी 14234’ किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है.

इस किस्म की खास विशेषताएं:

  • ऊसर भूमि के प्रति सहनशील
  • शानदार जमाव (germination)
  • अच्छी ऊंचाई और चौड़ी पत्तियां, जो प्रकाश संश्लेषण को तेज करती हैं
  • मजबूत शारीरिक संरचना, जिससे पौधे विपरीत परिस्थितियों में भी टिकते हैं

‘यूपी 14234’ न केवल कम लागत में अधिक उपज देती है, बल्कि यह विपरीत मिट्टी और मौसम की चुनौतियों को भी झेल सकती है.

बेहतर प्रकाश संश्लेषण और विकास

इस किस्म की पत्तियों का फैलाव इसे अन्य गन्ने की किस्मों से अलग बनाता है. पत्तियां जितनी अच्छी तरह फैली होंगी, प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया उतनी ही प्रभावी होती है.

  • पौधा अपना भोजन अधिक कुशलता से तैयार करता है
  • इसका असर गन्ने की मोटाई और वजन पर पड़ता है
  • ऊसर भूमि में भी पौधा मजबूती से खड़ा रहता है
  • पैदावार में गिरावट नहीं होती

इस प्रकार, ‘यूपी 14234’ अपने प्रकाश संश्लेषण और मजबूत जड़ प्रणाली के कारण किसानों को निराश नहीं करती.

किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि किसान इस किस्म को अपनाकर बंजर या कम उपजाऊ भूमि का सही उपयोग कर सकते हैं.

  • बेहतर जमाव और बढ़िया ऊंचाई
  • भारी वजन और मोटाई
  • मिलों के लिए पसंदीदा किस्म
  • फसल की सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बूस्ट

इस तरह, ‘यूपी 14234’ ऊसर प्रभावित इलाकों के किसानों के लिए समृद्धि और स्थिर आय का रास्ता खोल रही है.

उत्तर प्रदेश में ऊसर या क्षारीय मिट्टी वाले इलाके अब गन्ने की पैदावार में पीछे नहीं रहेंगे. ‘यूपी 14234’ की मदद से किसान कम लागत में अधिक उत्पादन हासिल कर सकते हैं और अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत बना सकते हैं. यह किस्म न केवल फसल सुरक्षा देती है, बल्कि पूरे क्षेत्र में गन्ना उत्पादन को नई दिशा भी दे रही है.

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Published: 7 Mar, 2026 | 05:30 PM

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