आप जो गुड़ खा रहे हैं, कहीं वो जहर तो नहीं? बस इस एक टेस्ट से घर बैठे करें मिलावट की पहचान

Milawati Gud Ki Pehchan: भारत में गुड़ का इस्तेमाल हर घर में होता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाजार में मिलने वाला गुड़ मिलावटी भी हो सकता है? Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने एक आसान घरेलू टेस्ट बताया है, जिससे आप पता लगा सकते हैं कि गुड़ में बेकिंग सोडा जैसी मिलावट है या नहीं. सिर्फ कुछ मिनट में होने वाला यह टेस्ट आपकी सेहत बचा सकता है. जानिए पूरा तरीका और मिलावटी गुड़ से बचने के जरूरी टिप्स.

Isha Gupta
नोएडा | Published: 4 Mar, 2026 | 11:02 AM

Jaggery Adulteration: भारत में गुड़ सिर्फ मिठास का साधन नहीं, बल्कि परंपरा और सेहत से भी जुड़ा है. सर्दियों के लड्डू हों, चाय हो या आयुर्वेदिक काढ़ा, हर जगह गुड़ का इस्तेमाल होता है. लेकिन बढ़ती मांग और ऊंची कीमत के कारण बाजार में मिलावटी गुड़ की समस्या भी सामने आ रही है. इसी को लेकर Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने उपभोक्ताओं को सतर्क रहने की सलाह दी है और एक आसान घरेलू टेस्ट साझा किया है.

क्यों होता है गुड़ में मिलावट?

गुड़ की बाजार में अच्छी कीमत मिलती है, खासकर त्योहारों और सर्दियों के मौसम में. कुछ लालची निर्माता इसका फायदा उठाकर इसमें सस्ती चीजें मिला देते हैं. अक्सर गुड़ में चीनी, चॉक पाउडर या बेकिंग सोडा (सोडियम बाइकार्बोनेट) मिलाया जाता है. बेकिंग सोडा मिलाने से गुड़ की सतह चिकनी और आकर्षक दिखती है, जिससे ग्राहक इसे शुद्ध समझ लेते हैं.

हालांकि, यह मिलावट इसकी प्राकृतिक गुणवत्ता को नुकसान पहुंचाती है.

FSSAI का घरेलू टेस्ट: ऐसे करें पहचान

FSSAI ने एक वीडियो के जरिए बताया कि आप घर पर ही कैसे गुड़ में बेकिंग सोडा की मिलावट की जांच कर सकते हैं.

टेस्ट करने का तरीका:

  • एक चौथाई चम्मच कुचला हुआ गुड़ लें.
  • इसे किसी टेस्ट ट्यूब या छोटे गिलास में डालें.
  • इसमें लगभग 3 मिलीलीटर हाइड्रोक्लोरिक एसिड (HCL) मिलाएं.
  • अब रिएक्शन को ध्यान से देखें.

नतीजा क्या बताता है?

  • अगर कोई बुलबुले नहीं बनते – तो गुड़ शुद्ध है.
  • अगर झाग या बुलबुले बनने लगें – तो समझ लें कि गुड़ में मिलावट है.

जब गुड़ में बेकिंग सोडा मौजूद होता है, तो वह HCL के संपर्क में आकर कार्बन डाइऑक्साइड गैस छोड़ता है. यही गैस बुलबुले के रूप में दिखाई देती है. यह साफ संकेत है कि गुड़ के साथ छेड़छाड़ की गई है.

सेहत पर क्या असर पड़ सकता है?

भले ही थोड़ी मात्रा में बेकिंग सोडा खतरनाक न लगे, लेकिन लंबे समय तक मिलावटी गुड़ खाने से शरीर को मिलने वाले असली फायदे कम हो सकते हैं. शुद्ध गुड़ पाचन सुधारने, ऊर्जा बढ़ाने और इम्युनिटी मजबूत करने में मदद करता है. वहीं मिलावटी गुड़ इन फायदों को कम कर सकता है और पाचन पर भी बूरा असर डाल सकता है.

मिलावटी गुड़ से बचने के आसान टिप्स

  • पैकेट खरीदते समय FSSAI लाइसेंस नंबर जरूर देखें.
  • बहुत ज्यादा चमकीला या हल्के रंग का गुड़ लेने से बचें.
  • भरोसेमंद ब्रांड या विक्रेता से ही खरीदारी करें.
  • बहुत सस्ता गुड़ खरीदने से बचें.
  • गहरे रंग का गुड़ अक्सर कम प्रोसेस्ड होता है.

FSSAI का कहना है कि घरेलू जांच शुरुआती स्तर पर मददगार हो सकती है, लेकिन यह लैब टेस्ट का विकल्प नहीं है. किसी भी खाद्य पदार्थ की पूरी तरह शुद्धता की पुष्टि केवल प्रमाणित प्रयोगशाला में ही हो सकती है. फिर भी, यह छोटा सा टेस्ट उपभोक्ताओं को जागरूक बनाता है और सही फैसला लेने में मदद करता है. अगर आपको गुड़ में मिलावट का संदेह हो, तो इसकी शिकायत FSSAI के ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल ऐप या स्थानीय फूड सेफ्टी विभाग में कर सकते हैं.

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